Ocean Seven Buildtech मामला: ED ने जब्त की 136 करोड़ की संपत्ति, अब कुल आंकड़ा 188 करोड़ पहुंचा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ओशन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (OSBPL) की 136.42 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। इस ताजा कार्रवाई के बाद इस केस में अब तक कुल जब्त संपत्तियों की कीमत लगभग 188 करोड़ रुपये हो गई है।
ED की यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW), हरियाणा पुलिस और राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर शुरू की गई थी। इन FIR में कंपनी, उसके प्रमोटर स्वराज सिंह यादव और अन्य लोगों पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के नाम पर धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
प्लॉट खरीदारों से ठगे करोड़ों रुपये, प्रोजेक्ट्स रहे अधूरे
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ओशन सेवन बिल्डटेक ने दिसंबर 2006 से मार्च 2015 के बीच राजस्थान के चार प्रोजेक्ट्स—अंबर गार्डन (बिलोंची, जयपुर), कोट रेजिडेंसी, कोट फार्म्स और कोट इंडस्ट्रियल एस्टेट (कोटपुतली-बहरोड़)—के नाम पर प्लॉट खरीदारों से 118 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूले थे। कंपनी ने वादा किया था कि तीन से चार साल में प्रोजेक्ट विकसित कर प्लॉट सौंप दिए जाएंगे, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी।
ED के मुताबिक, अंबर गार्डन प्रोजेक्ट के लिए पैसे लेना दिसंबर 2006 में ही शुरू हो गया था, जबकि कंपनी ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के पास प्रोजेक्ट मैप के लिए आवेदन भी नहीं किया था। JDA और राजस्व अधिकारियों की जांच में पाया गया कि ये प्रोजेक्ट्स कभी विकसित ही नहीं हुए और जमीनें आज भी खाली पड़ी हैं। कई खरीदारों ने पूरी रकम चुका दी थी और उनके पास कब्जे के पत्र भी थे, लेकिन उन्हें कभी प्लॉट नहीं मिला।
एजेंसी ने पाया कि खरीदारों से लिए गए पैसों का इस्तेमाल प्रोजेक्ट्स को विकसित करने के बजाय अन्य कामों में किया गया, जिसमें गुरुग्राम में कंपनी के लिए ऑफिस खरीदना और अन्य प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाना शामिल था। इसके अलावा, FIR दर्ज होने के बाद आरोपियों ने जून से सितंबर 2025 के बीच करीब 39 एकड़ जमीन अपने करीबियों और तीसरे पक्ष को ट्रांसफर करने की कोशिश की, जिन्हें अब ED ने कुर्क कर लिया है।
जब्त की गई संपत्तियों में जयपुर और कोटपुतली-बहरोड़ की जमीनें, गुरुग्राम के सेक्टर-102 में एक आवासीय प्लॉट और कंपनी व प्रमोटर स्वराज सिंह यादव और उनकी पत्नी सुनीता स्वराज के पांच बैंक खातों में जमा राशि शामिल है। इससे पहले भी एजेंसी ने 51.57 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी और पटियाला हाउस कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी।