Earth Infrastructure Ltd मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने प्रमोटरों की 140 करोड़ की संपत्ति की जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए Earth Infrastructure Ltd, उसकी सहायक कंपनियों और प्रमोटरों से जुड़ी करीब 140 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई 2,004 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई है, जिसमें हजारों घर खरीदारों और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप है।
ED के दिल्ली जोनल ऑफिस-II ने यह कदम उठाया है। इस कार्रवाई के दायरे में कंपनी के प्रमोटर अवधेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य और उनसे जुड़ी अन्य संस्थाएं भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने एक जटिल नेटवर्क के जरिए सार्वजनिक धन का गबन किया और उसे अलग-अलग जगहों पर डायवर्ट किया।
हजारों निवेशकों के साथ हुआ बड़ा खेल
ED के मुताबिक, इस ग्रुप ने करीब 19,425 से ज्यादा घर खरीदारों और निवेशकों से 2,004 करोड़ रुपये जुटाए थे। उनसे वादा किया गया था कि उन्हें समय पर रेजिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट्स मिलेंगी और अच्छा रिटर्न मिलेगा। लेकिन हकीकत यह थी कि निवेशकों से मोटी रकम लेने के बावजूद प्रोजेक्ट्स या तो अधूरे छोड़ दिए गए या फिर उन्हें कब्जा नहीं दिया गया, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
जांच में यह भी पता चला कि अपराध के जरिए कमाई गई इस रकम का इस्तेमाल प्रमोटरों और उनके करीबियों के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया था। इस पूरे मामले की शुरुआत दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज पांच FIR और SFIO की एक आपराधिक शिकायत के बाद हुई थी।
इससे पहले अप्रैल में जब ED ने दिल्ली-NCR में छापेमारी की थी, तब 6.30 करोड़ रुपये नकद, 8.78 करोड़ रुपये के गहने और 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए थे। मुख्य आरोपी अवधेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता को 1 जून को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब इस मामले में कुल जब्ती और कुर्की की राशि बढ़कर 352 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।