ईडी ने 146 करोड़ रुपये के हैशपे क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में दो लोगों को किया गिरफ्तार

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने गुरुवार को कहा कि उसने 146 करोड़ रुपये के मनी-लॉड्रिंग मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई हैशपे क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में की गई है। सैयद उस्मान उर्फ बाबू और धामोधरण बालचन्द्रन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। ईडी के चेन्नई जोनल ऑफिस-द्वितीय ने 22 सितंबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें एक विशेष पीएमएलए अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह जांच पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर ठगी
ईडी की जांच में सामने आया कि सैयद उस्मान, इमरान पाशा और उनके साथियों ने हैशपे नाम से एक निवेश योजना शुरू की थी। इसे एक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया गया था। संघीय एजेंसी ने बताया कि निवेशकों को 'टीसीएक्स' नामक एक कथित क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भारी रिटर्न का वादा करके निवेश के लिए उकसाया गया था। निवेशकों ने बैंक ट्रांसफर, क्रिप्टोकरेंसी और नकदी के जरिए इस योजना में पैसे लगाए। आरोपियों ने बॉलीवुड हस्तियों को शामिल करके एक लॉन्च इवेंट और कार अवार्ड समारोह आयोजित किया था, ताकि इस निवेश योजना को भरोसेमंद दिखाया जा सके और अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित किया जा सके।
फंड जुटाने और धोखाधड़ी के तरीके
जांच में यह भी पता चला कि निवेशकों से तीन प्रमुख तरीकों से 146 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इसमें 16 करोड़ रुपये की अपराध से आय (पीओसी) प्राप्त की गई, हाइफी सर्कल के बैंक खाते में कुल 10.52 करोड़ रुपये आए और 120 करोड़ रुपये मूल्य के टीसीएक्स सिक्के जुटाए गए। ईडी के अनुसार सैयद उस्मान और धामोधरण ने अपराध से प्राप्त आय को छिपाने और इधर-उधर करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। सैयद उस्मान बड़े पैमाने पर नकद निवेश संभालता था और हाइफी सर्कल के बैंक खाते को भी संचालित करता था। वहीं, धामोधरण ने हैशपे सॉफ्टवेयर, डेटाबेस और वॉलेट फंक्शन सहित क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कामकाज को प्रबंधित किया था। इससे पहले ईडी ने 1 सितंबर को चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में 11 ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपी इमरान पाशा और हितेश कुमार वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।