नयी दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग यानी ECI ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और महाराष्ट्र के लिए मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के संशोधित कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। यह निर्णय दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा भेजे गए औपचारिक अनुरोधों के बाद लिया गया है। दिल्ली ने 23 सितंबर को और महाराष्ट्र ने 24 सितंबर को इसमें बदलाव का अनुरोध किया था। इस संबंध में आधिकारिक आदेश शनिवार को जारी किए गए। आयोग ने इससे पहले 14 मई, 15 जुलाई, 4 अगस्त और 19 अगस्त को पुनरीक्षण अभ्यास के संबंध में आदेश जारी किए थे। अधिक जानकारी के लिए मूल ANI समाचार देख सकते हैं।
नयी दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ECI के अवर सचिव संदीप कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि बढ़ा दी गई है। 31 अगस्त 2026 को शुरू हुई यह समयसीमा अब
30 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगी। नोटिस चरण और दावों तथा आपत्तियों का निस्तारण 30 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा। यह पूरी प्रक्रिया 4 दिसंबर 2026 को अद्यतन मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ समाप्त होगी, जिससे नागरिकों को अपने विवरण सत्यापित करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के लिए भी बदली हुई समयसीमा की अधिसूचना जारी की है। महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अवधि, जो 31 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी, अब
12 अक्टूबर 2026 को बंद होगी। दावों और आपत्तियों का निस्तारण 31 अगस्त से 10 नवंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। नोटिस चरण पूरा होने के बाद, महाराष्ट्र की अद्यतन मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 16 नवंबर 2026 को किया जाना तय किया गया है।
आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने संबंधित राज्य राजपत्रों के असाधारण अंकों में तुरंत अधिसूचनाएं प्रकाशित करें और रिकॉर्ड के लिए निर्वाचन सदन को तीन प्रतियां भेजें। इसके अलावा, ECI ने अधिकारियों से कहा है कि वे अधिकतम सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों पर
संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।