सीमापुरी बिल्डिंग हादसा: मलबे से मिले दो और शव, अब कुल 5 की मौत

पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक रिहायशी इमारत गिरने से मची तबाही अब गहरे शोक में बदल गई है। ईदगाह फिश मार्केट के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। बचाव कार्य के तीसरे दिन गुरुवार को मलबे से दो और शव निकाले गए, जिनकी पहचान नुसरत (गुड़िया) और हजरा बीबी के रूप में हुई है।
इस हादसे ने तब सबको झकझोर दिया जब पहले निकाले गए मृतकों में 21 वर्षीय गर्भवती गुलफशा, एक 12 साल की बच्ची और एक छोटा बच्चा शामिल था। इस घटना में आठ लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए তাহिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
निर्माण में लापरवाही या कंपन बनी वजह?
हादसे की जांच में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। यह इमारत करीब 20 से 25 साल पुरानी थी और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के 25 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी थी। शाहदरा के डीसीपी आरपी मीणा के मुताबिक, इमारत की उम्र, संभावित अवैध निर्माण और पास की एक अन्य प्रॉपर्टी में चल रहे मरम्मत कार्य ने इस हादसे को दाया बल्कि दिया हो सकता है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने संकेत दिया कि पास में हो रहे निर्माण कार्य से पैदा हुए कंपन ने पुरानी इमारत को अस्थिर कर दिया होगा। बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग में मजबूत पिलर और कॉलम की कमी थी और यह काफी हद तक पड़ोसी इमारतों के सहारे टिकी थी। स्थानीय निवासियों का दावा है कि हादसे से एक दिन पहले आए भूकंप के हल्के झटकों के बाद इमारत में दरारें दिखने लगी थीं।
फिलहाल एमसीडी (MCD) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस और डीडीएमए (DDMA) की टीमें अभी भी मलबे की तलाशी ले रही हैं, क्योंकि आशंका है कि दो से तीन लोग अब भी अंदर दबे हो सकते हैं। दिल्ली सरकार ने आपदा राहत नियमों के तहत पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।