पूर्वी दिल्ली के सरकारी स्कूल में छात्रा ने लगाई आग, सुसाइड नोट बरामद
पूर्वी दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा ने खुदकुशी कर ली। पुलिस सुसाइड नोट और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा ने स्कूल परिसर के अंदर ही खुद को आग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया और पुलिस सहित तमाम आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दिल्ली स्कूल सुसाइड केस में अब पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि आखिर एक छात्रा ऐसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर क्यों हुई।
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी अनूप सिंह के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 11:58 बजे उन्हें खुदकुशी की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद फायर टेंडर को मौके पर भेजा गया। शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने पुष्टि की है कि यह मामला आत्महत्या का है। पुलिस को मौके से और छात्रा के बैग से एक ज्वलनशील पदार्थ (संभावित पेट्रोल) की बोतल मिली है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि छात्रा के बैग से तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी है और एक दोस्त को परेशान न करने की अपील की है।
परिजनों ने जताया साजिश का शक, सीसीटीवी फुटेज गायब
पुलिस फिलहाल इस एंगल पर जांच कर रही है कि क्या किसी ब्रेकअप की वजह से छात्रा ने यह कदम उठाया। हालांकि, मृतका की बड़ी बहन और भाभी ने इस मामले में साजिश की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घटना के बाद परिवार को समय पर सूचित नहीं किया, जो संदेह पैदा करता है। पुलिस ने स्कूल का डीवीआर (DVR) जब्त कर लिया है, लेकिन शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस जगह यह घटना हुई, वहां का सीसीटीवी कैमरा खराब था, जिससे पुलिस को विजुअल सबूत जुटाने में मुश्किल हो रही है।
इस दुखद घटना के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूल का दौरा किया और मामले की औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि स्कूल प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। वहीं, कृष्णा नगर के विधायक अनिल गोयल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, जबकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस अब स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों और सहपाठियों से पूछताछ कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।