ईस्ट दिल्ली की सड़कों का होगा कायाकल्प, 2056 की जरूरतों के लिए AI से तैयार होगा नया रोड नेटवर्क
PWD ईस्ट दिल्ली की सड़कों को 2056 की जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड करेगा। AI और LiDAR तकनीक से ट्रैफिक की समस्या सुलझेगी।

दिल्ली के पूर्वी हिस्सों में ट्रैफिक जाम और सड़कों की भीड़भाड़ से जूझने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने ईस्ट दिल्ली के रोड नेटवर्क को पूरी तरह आधुनिक बनाने की योजना तैयार की है। यह कोई साधारण मरम्मत कार्य नहीं है, बल्कि एक ऐसा विजन है जो आने वाले 30 सालों, यानी साल 2056 तक की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट का मकसद तेजी से बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए एक टिकाऊ और सुरक्षित बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
AI और आधुनिक तकनीक से सुधरेगा ट्रैफिक
इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। PWD एक AI-आधारित ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल विकसित करेगा, जो अगले तीन दशकों के ट्रैफिक रुझानों का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगा। यह मॉडल केवल वर्तमान ट्रैफिक को नहीं देखेगा, बल्कि जनसंख्या में वृद्धि, जमीन के उपयोग में बदलाव और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार जैसे कारकों का भी आकलन करेगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर की प्लानिंग में सटीकता लाने के लिए विभाग अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहा है। सर्वे के लिए LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) और DGPS (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) जैसी हाई-टेक मशीनों का उपयोग किया जाएगा, ताकि मौजूदा सड़कों की सटीक मैपिंग हो सके। इसके अलावा, सड़कों पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए विस्तृत 'रोड सेफ्टी ऑडिट' भी किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, PWD का यह कदम ईस्ट दिल्ली के लिए एक डेटा-संचालित और भविष्य के अनुकूल ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।