प्रदूषण पर प्रहार: पूर्वी दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगी 4 नई एंटी स्मॉग गन
पूर्वी दिल्ली में PWD प्रदूषण कम करने के लिए CNG ट्रकों पर एंटी स्मॉग गन तैनात करेगा। जानें GRAP-1 के तहत उठाए जा रहे कदम।

राजधानी दिल्ली में हवा की गिरती गुणवत्ता को सुधारने और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक नई तैयारी की है। पूर्वी दिल्ली के रोड डिवीजन ने शहर की सड़कों पर धूल कम करने और एयर क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए चार आधुनिक एंटी स्मॉग गन तैनात करने का फैसला किया है। ये मशीनें चार अलग-अलग उप-मंडलों के रोड नेटवर्क पर काम करेंगी, जिससे इलाके की हवा में सुधार लाने की कोशिश की जाएगी।
खास बात यह है कि प्रदूषण कम करने के अभियान में खुद प्रदूषण न बढ़े, इसलिए PWD ने इन एंटी स्मॉग गन को डीजल वाहनों के बजाय सीएनजी (CNG) ट्रकों पर माउंट करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक वाहन में कम से कम सात हजार लीटर की क्षमता वाला पानी का टैंक होगा। साथ ही, काम में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए इन सभी वाहनों में जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम और वेब-आधारित डैशबोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि उनकी रियल-टाइम निगरानी की जा सके।
प्रदूषण से लड़ने के लिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर तैयारी
दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए केवल PWD ही नहीं, बल्कि अन्य एजेंसियां भी पूरी ताकत लगा रही हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक्सप्रेसवे और हाईवे पर करीब 60 वॉटर स्प्रिंकलर, 14 एंटी स्मॉग गन, 23 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और दो ट्रैक्टर-माउंटेड ब्रूमर्स तैनात किए हैं। वहीं, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पहले ही शहर के विभिन्न हिस्सों में 167 वॉटर स्प्रिंकलर और 40 एंटी स्मॉग गन उतार दिए हैं।
ये सभी कदम 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP-1) के ढांचे के तहत उठाए जा रहे हैं। इस योजना के मुताबिक, अब निर्माण स्थलों और बड़ी ऊंची इमारतों के लिए भी एंटी स्मॉग गन और वॉटर मिस्ट सिस्टम का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि धूल के कणों को हवा में फैलने से रोका जा सके।