अपराध की दुनिया से दूर होंगे किशोर, पूर्व दिल्ली पुलिस ने शुरू किया 'दिल्ली आउट' अभियान

दिल्ली पुलिस अब किशोर अपराधियों को अपराध की दलदल से बाहर निकालने के लिए एक अनोखा तरीका अपना रही है। पूर्व जिले की पुलिस ने 'दिल्ली आउट' नाम से एक विशेष पहल शुरू की है। इस अभियान का मुख्य मकसद उन किशोरों को उनके नकारात्मक माहौल और अपराधी दोस्तों की संगत से दूर करना है, जो उन्हें बार-बार गलत रास्ते पर धकेलते हैं।
इस पहल के तहत पिछले छह महीनों में अब तक नौ ऐसे किशोरों को दिल्ली से बाहर उनके रिश्तेदारों के पास भेजा गया है, जो बेहद गंभीर अपराधों में शामिल थे। डीसीपी राजीव कुमार ने जानकारी दी कि इन नौ किशोरों में से सात हत्या जैसे जघन्य मामलों में आरोपी थे, जबकि एक किशोर सेक्स रैकेट और आपराधिक साजिश के मामले में लिप्त था। पुलिस ने उन सभी रिश्तेदारों का पूरा रिकॉर्ड रखा है, जिनके पास इन बच्चों को भेजा गया है।
नियम तोड़ा तो जाएंगे सुधार गृह
इस अभियान के नियम काफी सख्त रखे गए हैं। इन किशोरों को तब तक दिल्ली की सीमा से बाहर रहना होगा, जब तक कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) में उनके चल रहे मामले पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाते। डीसीपी कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोई भी किशोर इस निर्धारित अवधि के दौरान वापस दिल्ली लौटता है, तो उसे तुरंत किशोर सुधार केंद्र (Juvenile Correction Center) भेज दिया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि अक्सर किशोर उन्हीं गलियों और दोस्तों के प्रभाव में आकर दोबारा अपराध करते हैं जहाँ उन्होंने पहली बार गलत कदम उठाया था। 'दिल्ली आउट' प्रोग्राम के जरिए उन्हें उसी माहौल से पूरी तरह काटकर एक नई और सकारात्मक शुरुआत देने की कोशिश की जा रही है, ताकि वे भविष्य में अपराध की दुनिया की ओर दोबारा कदम न बढ़ाएं।