द्वारका के बिजनेसमैन से 1.69 लाख की ठगी, रसूखदार नेता के रिश्तेदार के नाम पर फर्जीवाड़ा, पुलिस ने आरोपी को दबोचा

द्वारका जिला पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने गुरुग्राम से 44 वर्षीय भालिंदर पाल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक प्रभावशाली नेता के जीवनसाथी के नाम पर खुद को पेश कर द्वारका के एक व्यवसायी से 1.69 लाख रुपये की ठगी की थी।
- आरोपी भालिंदर पाल सिंह पर धोखाधड़ी, पहचान छिपाने और जबरन वसूली के लगभग 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- वह चार मामलों में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और चार अन्य मामलों में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे।
- आरोपी ने ग्लेशियर हॉलिडेज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक इंदर सिंह नागपाल से ठगी की थी।
- पुलिस ने आरोपी से दो आधार कार्ड और धोखाधड़ी में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है।
ठगी का तरीका
घटना 11 सितंबर को हुई, जब व्यवसायी को एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को एक बड़े नेता के जीवनसाथी के रूप में पेश किया। उसने छात्र की फीस के लिए तत्काल भुगतान की मांग की और वादा किया कि वह ऑफिस से पैसे वापस कर देगा। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप पर अशोक स्तंभ के लोगो वाली प्रोफाइल पिक्चर लगाई थी ताकि वह सरकारी प्रभाव का दिखावा कर सके।
व्यवसायी ने आरोपी के झांसे में आकर विभिन्न बैंक खातों में कुल 1,69,389 रुपये ट्रांसफर कर दिए और आरोपी के निर्देशानुसार दिल्ली से लखनऊ के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट टिकट बुक कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
शिकायत के बाद, 13 सितंबर को द्वारका साउथ पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धाराओं 319(2), 318(4) और 61(2) के तहत एफआईआर नंबर 266/2026 दर्ज की गई। जांच में पता चला कि आरोपी ने फर्जी पहचान के साथ सिम कार्ड लिया था। आईपी एड्रेस और टेलीकॉम डेटा के विश्लेषण के बाद, गुरुग्राम के सेक्टर-43 में करीब 120 घरों की तलाशी ली गई, जिसके बाद आरोपी को 'जसराज सहगल' के नाम से रह रहे भालिंदर पाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी सामाजिक स्थिति दिखाने के लिए स्कॉर्पियो-एन कार किराए पर ली थी, जिसे उसने आदित्य पटेल के नाम के फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड पर लिया था। आरोपी का आपराधिक इतिहास पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में फैला हुआ है, और वह पहले भी बठिंडा मेयर, जालंधर विधायक के निजी सहायक और सांसदों के रिश्तेदार के रूप में खुद को पेश कर चुका है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।