डीयूएसयू चुनाव: निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीता, एबीवीपी का जलवा

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनावों के परिणाम आ चुके हैं। स्वतंत्र उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर शानदार जीत हासिल की है। इस चुनाव परिणाम से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीता।
- एबीवीपी ने अध्यक्ष सहित चार में से तीन प्रमुख पद जीते।
- इस साल कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
दीपांशु शौकीन ने क्या कहा
नई दिल्ली में शनिवार को आए परिणामों के अनुसार, एनएसयूआई के पूर्व सदस्य और स्वतंत्र उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,634 वोट पाकर उपाध्यक्ष का पद जीता। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्रों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उस पर मैं खरा उतरा हूं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने मेरा पूरा चुनाव अभियान खुद चलाया और मेरा पूरा समर्थन किया। शौकीन ने कहा कि उन्होंने महसूस किया कि छात्रों का एक सच्चा प्रतिनिधि साबित होने की जो लड़ाई लड़ने वे आए थे, उसमें वे सफल रहे।
अभियान के दौरान नंगे पैर चलने का अनुभव
दीपांशु शौकीन ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके नंगे पैर चलने से उन्हें छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों की याद आती रही। उन्होंने कहा कि नंगे पैर चलने की शारीरिक असुविधा ने उन्हें यह याद दिलाया कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले 1.5 लाख छात्रों को भी अपने दैनिक जीवन में विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि मौका मिला, तो वे उन समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे। शौकीन ने कहा कि वे छात्रों को एक आवाज देंगे और इस बार एक जवाबदेह DUSU होगा।
डीयूएसयू चुनाव के अन्य परिणाम
चुनाव परिणामों के अनुसार, एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा बरकरार रखा। यश डबास ने 24,576 वोट पाकर एनएसयूआई के विजय मीना को हराया, जिन्हें 22,523 वोट मिले। सचिव पद के मुकाबले में एबीवीपी की रिया छौवड़ी विजयी रहीं, जबकि संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की। अंतिम वोटों की गिनती के बाद एबीवीपी उम्मीदवारों ने चार केंद्रीय पैनल पदों में से तीन पर जीत हासिल की। दिल्ली विश्वविद्यालय भर में कड़ी सुरक्षा के बीच यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में वोटों की गिनती हुई।
मतदान और अन्य विवरण
डीयूएसयू चुनावों के लिए मतदान शुक्रवार को दो चरणों में दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर संपन्न हुआ था। चुनावों में कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है। पिछले साल मतदान 39.5 प्रतिशत था। अंतिम परिणामों की घोषणा से पहले, एबीवीपी ने कई कॉलेज-स्तरीय चुनावों में जीत का दावा किया था। संगठन ने अदिति महाविद्यालय, श्री अरबिंदो कॉलेज (मॉर्निंग), डॉ बीआर अंबेडकर कॉलेज, भारती कॉलेज और शिवाजी कॉलेज में सभी चार प्रमुख पद जीते थे।