डीयूएसयू चुनाव 2026 परिणाम घोषित: एबीवीपी ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया, सेंट स्टीफंस और एलएसआर जैसे कॉलेज क्यों रहे दूर

Kittu Kumari20 September 20262 min read2 viewsDelhi Local
डीयूएसयू चुनाव 2026 परिणाम घोषित: एबीवीपी ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया, सेंट स्टीफंस और एलएसआर जैसे कॉलेज क्यों रहे दूर

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणाम 19 और 20 सितंबर को घोषित किए गए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन केंद्रीय पदों पर जीत हासिल की है। यश डबास अध्यक्ष, रिया छाबड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए हैं। एनएसयूआई के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। कांग्रेस से जुड़ा छात्र संगठन एनएसयूआई कोई भी केंद्रीय सीट नहीं जीत पाया। एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजय शंकर मेहरा ने चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाया और कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए। एससीएफ उम्मीदवार विशेष यादव ने भी संयुक्त सचिव परिणाम को लेकर अनियमितता के आरोप लगाए और दोबारा गिनती तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की। 52 मतदान केंद्रों पर 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय के 91 कॉलेजों में से एक बड़ी संख्या केंद्रीय डीयूएसयू प्रक्रिया से बाहर रही। सेंट स्टीफंस कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन (LSR) और जीसस एंड मैरी कॉलेज (JMC) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान डीयूएसयू मतदान में भाग नहीं लेते हैं। कमला नेहरू कॉलेज, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज, भारती कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, गार्गी कॉलेज और इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वुमन जैसे अन्य संस्थान भी केंद्रीय निकाय से अपनी स्वायत्तता बनाए रखते हैं। संकाय और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस गैर-भागीदारी के कई कारण बताए हैं। भारती कॉलेज के शिक्षकों ने बताया कि चुनाव प्रचार रैलियों के कारण होने वाली गड़बड़ियों से बचने और शैक्षणिक शुता को प्राथमिकता देने के लिए कॉलेज 2008 में डीयूएसयू से अलग हो गया था। इसी तरह, इंद्रप्रस्थ कॉलेज की सांस्कृतिक सचिव स्तुति दत्त ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि डीयूएसयू अभियानों में अक्सर आक्रामक राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, धन और बाहुबल का प्रभाव तथा बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप देखा जाता है। कई महिला कॉलेज छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस माहौल से दूर रहना पसंद करते हैं। डीयूएसयू चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों के सख्त दिशानिर्देशों के तहत आयोजित किए जाते हैं। इन नियमों के तहत प्रत्येक उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार का खर्च 5,000 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा कागजरहित प्रचार अनिवार्य है, मुद्रित पोस्टरों और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर रोक है, तथा गैर-छात्रों की संलिप्तता प्रतिबंधित है। विश्वविद्यालय ने उत्तर और दक्षिण परिसर क्षेत्रों के पास वाहन पार्किंग और चुनाव प्रचार गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही रात 10:00 बजे के बाद छात्रावास में प्रचार करने पर रोक है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एबीवीपी की जीत की सराहना की, जबकि नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।

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