डीयूएसयू चुनाव 2026: 43 ईवीएम मतगणना केंद्र पहुंचीं, कुल मतदान 39.78 प्रतिशत दर्ज हुआ

Kittu Kumari18 September 20265 min read14 viewsDelhi Local
डीयूएसयू चुनाव 2026: 43 ईवीएम मतगणना केंद्र पहुंचीं, कुल मतदान 39.78 प्रतिशत दर्ज हुआ

डीयूएसयू चुनाव 2026 में 43 ईवीएम मतगणना केंद्र पहुंचीं और कुल मतदान 39.78 प्रतिशत दर्ज हुआ

नई दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी डीयूएसयू चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार शाम 7 बजे तक 43 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें यानी ईवीएम मतगणना केंद्र पर पहुंच चुकी हैं और इस दौरान कुल मतदान 39.78 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इस बीच चुनाव में धांधली के आरोपों के बाद राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है।

डीयूएसयू अध्यक्ष आर्यन मान ने एनएसयूआई पर लगाए फर्जी आईडी के गंभीर आरोप

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प्रतिद्वंद्वी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी ANI पर निशाना साधते हुए डीयूएसयू अध्यक्ष आर्यन मान ने विपक्षी पार्टी पर हार तय होने के बाद धोखाधड़ी का सहारा लेने का आरोप लगाया है। आर्यन मान ने कहा कि हार की झुंझलाहट में आज एनएसयूआई वाले डींगें हांक रहे थे कि विद्यार्थी परिषद 4-0 से जीत रही है और क्लीन स्वीप कर रही है। चुनावी धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चुनाव में हेरफेर करने के लिए पहचान पत्र बनाए हैं। उन्होंने कहा कि आज एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने एक फर्जी कॉलेज आईडी कार्ड बनाया और एलसी-2 के एक छात्र को फर्जी आईडी दी। जब वह वोट डालने गई तो अंदर प्रशासन ने उसे पकड़ लिया और उसने स्वीकार किया कि कुछ प्रमुख एनएसयूआई लोगों ने उसे वह फर्जी आईडी दी थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह धांधली बड़े पैमाने पर हुई है और दावा किया कि उन्होंने आईडी कार्ड दिखाया है और पता चला है कि उन्होंने 100 छात्रों को फर्जी आईडी कार्ड दिए हैं जिन्होंने वोट दिया और चले गए। इन आरोपों और विरोध प्रदर्शनों को हारने वाले की झुंझलाहट बताते हुए डीयूएसयू अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ एनएसयूआई का हारने वाले का रवैया है क्योंकि वे 4-0 से हार रहे हैं इसलिए वे आज के दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में फर्जी और नकली मतदाता तैयार करके और उनसे फर्जी वोट डलवाकर छात्रों को गुमराह कर रहे हैं।

एबीवीपी और एनएसयूआई ने अपने उम्मीदवारों के नाम और चुनावी वादे सामने रखे

डीयूएसयू के इन हाई-स्टेक चुनावों के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी ने यश डबास को अपना अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही उपाध्यक्ष पद के लिए इशु मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को मैदान में उतारा है। वहीं नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीना, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर छत्रथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास ने अपने मुख्य चुनावी वादों की रूपरेखा पेश करते हुए सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर दिया। यश डबास ने ANI को बताया कि उनका मुख्य मुद्दा सभी हॉस्टल और पीजी का सुरक्षा ऑडिट करना, हर कॉलेज में नए गर्ल्स हॉस्टल बनवाना और पीजी तथा हॉस्टल के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित करना होगा। छात्र समुदाय को प्रभावित करने वाली नागरिक समस्याओं और हालिया त्रासदियों का जिक्र करते हुए डबास ने आगे कहा कि छात्र सत्या इमारत ढलने की घटना को लेकर भावुक हैं और एबीवीपी अभी भी विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि हम तब तक विरोध जारी रखेंगे जब तक एमसीडी कमिश्नर इस्तीफा नहीं देते और मुझे पूरा भरोसा है कि एबीवीपी जीतने वाली है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भाजपा और एबीवीपी पर साधा निशाना

दूसरी ओर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सत्ताधारी दल और एबीवीपी पर कड़ा हमला करते हुए दावा किया कि छात्रों का जनमत उनके खिलाफ जा रहा है। जाखड़ ने कहा कि चुनाव चल रहे हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने उल्लेखनीय काम किया है। वे भाजपा, आरएसएस और एबीवीपी के खिलाफ वोट कर रहे हैं, यानी उन ताकतों के खिलाफ जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें सत्या निकेतन की वह घटना याद है जहां भाजपा और एबीवीपी के भ्रष्टाचार के कारण छात्र कुचलकर मर गए थे। सत्ताधारी पार्टी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इसमें अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और उनके विधायक, मेयर तथा एमसीडी अधिकारी सभी वहां मौजूद हैं जो चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह चुनाव छात्रों का है और एनएसयूआई द्वारा उतारा गया पैनल उत्कृष्ट है। अपनी पार्टी के वैचारिक रुख पर प्रकाश डालते हुए जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा समर्थित सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का सख्ती से पालन करती है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ने सामाजिक न्याय के सिद्धांत को बरकरार रखा है और राहुल गांधी पूरे देश में सामाजिक न्याय की पैरवी कर रहे हैं। उनका संदेश है कि लाइन में सबसे पीछे खड़े लोगों को आगे लाया जाए और प्रतिनिधित्व का अवसर दिया जाए। चुनावों के दौरान संस्थागत पक्षपात और हिंसा का आरोप लगाते हुए जाखड़ ने दावा किया कि यह प्रतिबंध केवल एनएसयूआई पर लागू होता है, एबीवीपी पर नहीं क्योंकि एबीवीपी के बैनर प्रिंसिपल के ऑफिस के अंदर भी प्रदर्शित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं कहूंगा कि हर मोड़ पर एनएसयूआई में बाधा डाली गई है। यहां तक कि अब भी जब मतदान जारी है, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को एबीवीपी के सदस्यों द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है और उन पर हमला किया जा रहा है। चुनाव परिणाम में विश्वास व्यक्त करते हुए एनएसयूआई प्रमुख ने कहा कि एनएसयूआई सभी चार सीटें जीतकर क्लीन स्वीप करने के लिए तैयार है जिससे एबीवीपी की स्थिति खराब हो गई है।

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