दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 का प्रचार अभियान बुधवार, 16 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। इस चुनाव में छात्रों और उम्मीदवारों ने पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल रणनीतियों का भी खुलकर इस्तेमाल किया है। छात्रों और उम्मीदवारों ने पर्चे बांटने और नारे लगाने जैसे पारंपरिक तरीकों के साथ सोशल मीडिया रील्स का सहारा लिया। इस चुनाव में मुख्य संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) आमने-सामने हैं।
प्रचार के अंतिम घंटों में राजनीतिक समूहों ने छात्रों की मुख्य समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया।
उम्मीदवारों ने पेपर लीक और सत्य निकetan में पीजी बिल्डिंग ढहने की हालिया घटनाओं का विशेष रूप से जिक्र किया। एबीवीपी (ABVP) ने फ्लैश मॉब, ड्रोन वीडियोग्राफी और 'DU Bole Dil Se, ABVP Fir Se' थीम वाले रैप संगीत के साथ एक हाई-प्रोडक्शन वीडियो अभियान का उपयोग किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन और मुख्य चुनाव अधिकारी ने आचार संहिता का कड़ेता से पालन कराया।
विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी थी कि नियमों का उल्लंघन करने पर चुनाव रद्द किए जा सकते हैं। दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक चुनाव काफिले में अधिकतम पांच वाहनों की सीमा तय की गई थी, चुनाव स्टिकर और भारी मशीनरी पर प्रतिबंध लगाया गया था, और प्रचार उपहारों पर पूरी रोक थी। परिसरों को साफ रखने के लिए कॉलेज के प्राचार्यों को 'एंटी-डिफेफेसमेंट हेड' नियुक्त किया गया था ताकि परिसरों में पोस्टर, बैनर और दीवारों पर लिखने की मनाही का पालन हो सके। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने उम्मीदवारों को छोड़कर अन्य पुरुष सदस्यों के प्रचार अवधि के दौरान गर्ल्स कॉलेजों या हॉस्टलों में प्रवेश पर रोक लगाई थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर 2026 को होगा। इसके बाद वोटों की गिनती की प्रक्रिया 19 सितंबर 2026 से शुरू होगी।