डूसू चुनाव का प्रचार डिजिटल हुआ, सोशल मीडिया और रील्स के जरिए Gen Z वोटर्स को साध रहे उम्मीदवार

Kittu Kumari13 September 20262 min read11 viewsDelhi Local
डूसू चुनाव का प्रचार डिजिटल हुआ, सोशल मीडिया और रील्स के जरिए Gen Z वोटर्स को साध रहे उम्मीदवार

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026-2027 का प्रचार अब पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो गया है। उम्मीदवार Gen Z मतदाताओं को लुभाने के लिए सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और रील्स का सहारा ले रहे हैं।

नियमों के तहत डिजिटल प्रचार और चुनाव कार्यक्रम

विश्वविद्यालय के कड़े नियमों के कारण पारंपरिक छपी हुई सामग्री जैसे पोस्टर और पर्चे पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। केवल तय जगहों पर हाथ से बने पोस्टर लगाने की अनुमति है। चुनाव 18 सितंबर 2026 को होंगे। मॉर्निंग क्लासेज के लिए वोटिंग सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और इवनिंग क्लासेज के लिए दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक होगी। मतों की गिनती और परिणामों की घोषणा 19 सितंबर 2026 को की जाएगी। रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर राज किशोर शर्मा मुख्य चुनाव अधिकारी और लाइब्रेरियन राजेश सिंह मुख्य रिटर्निंग ऑफिसर हैं।

उम्मीदवार और मुख्य छात्र संगठन

10 सितंबर को नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने और 11 सितंबर को नाम वापसी के बाद, अध्यक्ष पद के अंतिम उम्मीदवारों में अनन्या रटूरी, अश्मित कुमार, एजाज मंसूरी, समर्थ बेनीवाल, समीर कुमार, विजय शंकर मीना और यश डबास शामिल हैं। प्रमुख छात्र संगठनों ने चार केंद्रीय पदों के लिए उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें यश डबास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), विजय शंकर मीना नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और अनन्या रटूरी संयुक्त AISA-SFI गठबंधन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

आचार संहिता और खर्च सीमा

विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रचार के लिए सख्त आचार संहिता लागू की है। उम्मीदवार अधिकतम 5,000 रुपये तक खर्च कर सकते हैं और उन्हें ऑडिटेड खाते जमा करने होंगे। प्रचार का समय सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक तय किया गया है। किसी भी उम्मीदवार के साथ एक समय में चार से अधिक छात्र नहीं चल सकते। लाउडस्पीकर, वाहन, पशु, मुखौटे, वेशभूषा या रिश्वत का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।

मतदान की योग्यता और सुरक्षा निर्देश

9 सितंबर 2026 को शाम 5:00 बजे तक प्रवेश पाने वाले छात्र ही वोट डालने के योग्य हैं। दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को वैध आई-कार्ड दिखाना होगा, जबकि पहले वर्ष के छात्र आई-कार्ड न होने पर वेरिफाइड फीस रसीद, सरकारी आईडी और फोटोयुक्त बोनाफाइड सर्टिफिकेट का उपयोग कर सकते हैं। सुरक्षा उपायों के तहत महिला कॉलेजों और हॉस्टलों में पुरुषों के प्रवेश पर पूरी पाबंदी है।

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