सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर की झुग्गियों का बदलेगा चेहरा, DUSIB ने शुरू किया पुनर्विकास

दिल्ली के सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर जैसे इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) ने इन क्षेत्रों के जेजे क्लस्टर्स के कायाकल्प की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। सरकार अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए इन बस्तियों का पुनर्विकास करेगी, ताकि यहां के निवासियों को झुग्गियों से निकालकर सम्मानजनक और पक्के मकानों में बसाया जा सके।
इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए DUSIB ने एक ट्रांजैक्शन एडवाइजर के लिए 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' आमंत्रित किए हैं। यह सलाहकार न केवल प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता (feasibility) की जांच करेगा, बल्कि नियामक मंजूरियों और निजी डेवलपर्स के चयन में भी मदद करेगा। यह पूरी कवायद 'दिल्ली स्लम और जेजे क्लस्टर रिहैबिलिटेशन एंड रिलोकेशन पॉलिसी 2026' के तहत की जा रही है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल टी.एस. संधू की मौजूदगी में मंजूरी दी गई थी।
'जहां झुग्गी वहीं मकान' के संकल्प से संवरेगा जीवन
दिल्ली सरकार इस प्रोजेक्ट को 'जहां झुग्गी वहीं मकान' की अवधारणा पर आगे बढ़ा रही है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य लोगों को उनके अपने इलाके में ही स्थायी आवास देना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस मुहिम को प्राथमिकता दी है ताकि गरीबों को बुनियादी सुविधाओं से लैस घर मिल सकें। मास्टर प्लान दिल्ली (MPD) 2047 के तहत लगभग 650 क्लस्टर्स के पुनर्विकास की योजना है, जिससे करीब 20 लाख लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
इस योजना की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- पात्रता तिथि: स्थायी मकानों के आवंटन के लिए पात्रता की कट-ऑफ तारीख को बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दिया गया है।
- बुनियादी सुविधाएं: नई कॉलोनियों में केवल मकान ही नहीं, बल्कि स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी जरूरी सुविधाएं भी होंगी।
- DDA की भूमिका: DUSIB के साथ-साथ दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने भी 45 अन्य जेजे क्लस्टर्स के लिए पुनर्वास प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- नया सर्वे: लाभार्थियों का सटीक डेटा तैयार करने के लिए जल्द ही एक नया जनगणना सर्वे कराया जाएगा, क्योंकि पिछला सर्वे 2014 में हुआ था।
प्रशासन अब हर महीने PPP आधारित पुनर्वास परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी करने की योजना बना रहा है। इसके लिए आर्थिक मामलों के विभाग और नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉर्पोरेशन के साथ पैनल में शामिल फर्मों को बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ट्रांजैक्शन एडवाइजर अब जमीन की कीमत, बुनियादी ढांचे और वित्तीय व्यवहार्यता का आकलन करेंगे ताकि प्रोजेक्ट बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।