DU का बड़ा फैसला: 2025-26 बैच के UG छात्रों को प्रमोशन में मिली विशेष राहत

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया है। यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के छात्रों के लिए अनिवार्य प्रमोशन मानदंडों में एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया है। अब उन छात्रों को अगले सेमेस्टर में जाने से नहीं रोका जाएगा, जो कुल 44 क्रेडिट्स में से 28 क्रेडिट हासिल करने में असफल रहे थे।
परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह फैसला विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जिन्होंने अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया है। यह निर्णय यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल (12 जुलाई 2024) और एग्जीक्यूटिव काउंसिल (27 जुलाई 2024) की बैठकों में की गई सिफारिशों के बाद लिया गया है। गौरतलब है कि यह कदम 21 जुलाई और 2 सितंबर 2025 को जारी पिछले नोटिफिकेशन में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षकों ने उठाए सवाल, पारदर्शिता पर जताई चिंता
हालांकि छात्रों के लिए यह खबर खुशी लेकर आई है, लेकिन यूनिवर्सिटी के भीतर ही इस फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DUTA) की सचिव और मिरांडा हाउस की एसोसिएट प्रोफेसर आभा देव हबीब ने इस ढील के समय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब छात्र पहले से ही तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश कर चुके हैं, तब इस तरह की राहत देने का क्या औचित्य है?
कई अन्य शिक्षकों ने भी चिंता जताई है कि सत्र के बीच में नियमों में इस तरह के बदलाव करने से परीक्षा प्रणाली की स्थिरता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि यह केवल एक बार दी गई राहत है और प्रमोशन के स्थायी ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा, अन्य परीक्षा घटकों के लिए न्यूनतम पासिंग क्रेडिट को लेकर अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।