DU Teachers ने PhD और MPhil Increment Recovery Order वापस लेने की VC से की मांग

Delhi University (DU) के शिक्षक संगठनों ने Vice Chancellor Professor Yogesh Singh को एक formal पत्र लिखकर 17 अगस्त 2026 के directive को वापस लेने की मांग की है। इस directive में 1 जनवरी 2016 के बाद MPhil या PhD डिग्री हासिल करने वाले faculty members से advance increments की recovery का आदेश दिया गया है। Democratic Teachers' Front (DTF) और Delhi University Teachers' Association (DUTA) के सदस्यों ने इस फैसले का विरोध किया है। (Source: ANI) DTF ने Executive Council में बिना किसी पूर्व चर्चा के लागू किए गए इस निर्णय को 'बेतुका और अस्वीकार्य' बताया है।
Recovery Order और UGC के निर्देश
यह recovery order University Grants Commission (UGC) के 13 अगस्त 2025 के पत्र और DU के 20 अगस्त 2025 के communication पर आधारित है। ये निर्देश Ministry of Education और UGC के पत्रों से जुड़े हैं, जिनमें तर्क दिया गया है कि higher qualifications के लिए incentives पहले से ही Career Advancement Scheme (CAS) में शामिल हैं। 13 अगस्त 2026 के एक अलग notice से यह पुष्टि हुई है कि retirement के करीब पहुंच चुके faculty members के लिए recovery की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि इस मामले की जांच UGC की एक committee अभी भी कर रही है।
शिक्षक संगठनों के तर्क और विरोध
Democratic Teachers' Initiative (DTI) सहित अन्य शिक्षक संगठनों का तर्क है कि यह recovery शिक्षकों को अनुचित रूप से दंडित करती है। यह 2018 के UGC Regulations के खिलाफ है, जो non-compounded advance increments का प्रावधान करते हैं। 2 अगस्त 2026 से पहले हुई Executive Council की बैठक के दौरान, Professor Yogesh Singh ने स्वीकार किया था कि central government ने इन increments की स्थिति पर अभी तक कोई consensus नहीं बनाया है। शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसे incentives को वापस लेने से university system में academic research और excellence की वैल्यू कम होती है।