दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं ने बड़ा प्रदर्शन किया। लेडी श्री राम कॉलेज, गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज की छात्राओं ने 'हम औरतें आज़ाद हैं' बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आस्थ कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ हुई कथित बलात्कार की घटना के बाद शुरू हुआ। दोपहर करीब 3:30 बजे से शुरू होकर यह मार्च रात तक जारी रहा, जिसमें छात्राओं ने बिना डर के सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचने के अधिकार की मांग की। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए PTI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
छात्र संगठनों ने भी इस मामले में जोरदार प्रदर्शन किया।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने नॉर्थ कैंपस में 'मेक दिल्ली सेफ अगेन' मार्च निकाला, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के संबंध में विस्तृत कवरेज
ANI News पर उपलब्ध है।
प्रदर्शनकारियों ने डीडीए के अरुण जेटली पार्क में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान दस सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया। इस घोषणापत्र में पीछा करने और सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित रिकॉर्डिंग जैसे मुद्दों को उठाया गया, साथ ही अंधेरे के बाद महिलाओं की आवाजाही पर प्रतिबंधों को खारिज किया गया।
अधिकारियों और छात्रों के बीच सुरक्षा उपायों को लेकर बातचीत जारी है।
लेडी श्री राम स्टूडेंट्स यूनियन ने बताया कि वे पिंक स्क्वाड की तैनाती और पिंक बूथ तथा कॉलेज गेट पर निगरानी बढ़ाने जैसे गश्त प्रयासों पर नजर रख रहे हैं। अधिकारी छात्राओं द्वारा पहचानी गई विशिष्ट समस्याओं को दूर करने के लिए कॉलेज के पीछे की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट में सुधार की योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इस बीच, डीयू की पूर्व छात्रा यक्षा शर्मा ने उन आधिकारिक अधिसूचनाओं की आलोचना की जो रात में सार्वजनिक पार्कों में महिलाओं की आवाजाही को प्रतिबंधित करती हैं।
दिन के प्रदर्शन के बाद सिरी फोर्ट रोड पर 'दिल्ली नागरिकों के लिए मांगों का चार्टर' पर एक चर्चा निर्धारित की गई थी।