DU छात्रा से 6 हजार की ठगी, पुलिस ने उखाड़ा 30 करोड़ का साइबर सिंडिकेट
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा से हुई छोटी ठगी ने खोला 30 करोड़ के बड़े साइबर नेटवर्क का राज। दिल्ली पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों को दबोचा।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के साथ हुई मामूली ठगी ने एक ऐसे बड़े खेल का पर्दाफाश किया है, जिसने पुलिस और जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। एक कुर्ती खरीदने के चक्कर में छात्रा के साथ हुई धोखाधड़ी की जांच जब आगे बढ़ी, तो पता चला कि यह कोई छोटा मामला नहीं बल्कि 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन वाला एक देशव्यापी साइबर सिंडिकेट था। दिल्ली यूनिवर्सिटी साइबर फ्रॉड के इस मामले में दिल्ली पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पूरा मामला रामजस कॉलेज की छात्रा फातिमा से शुरू हुआ। फातिमा ने इंस्टाग्राम पर 'Kavya_kurti_hub' नाम के एक अकाउंट से 799 रुपये की कुर्ती ऑर्डर की थी। शुरुआत में उसने क्यूआर कोड के जरिए 400 रुपये दिए, लेकिन इसके बाद जालसाजों ने डिलीवरी फीस और रिफंडेबल प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर उसे डराया-धमकाया और कुल 6,450 रुपये ठग लिए। जब न तो कुर्ती मिली और न ही पैसे वापस आए, तो छात्रा ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 4 सितंबर को नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई।
फर्जी कंपनियों के जरिए खुलवाते थे बैंक खाते
डीसीपी (नॉर्थ) निहारिका भट्ट, एसीपी विशेष धtterwal और एडिशनल डीसीपी राम दुलेश मीणा की देखरेख में जब जांच शुरू हुई, तो इस गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया। यह सिंडिकेट 'किज़ेंटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड', 'एग्जीक्यूटिव एज' और 'नेक्सकोर' जैसी फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों को फिर एक तय मासिक शुल्क पर अन्य साइबर अपराधियों को दे दिया जाता था, ताकि वे ठगी की रकम इसमें मंगा सकें।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड गौरव पांडे है, जो एमबीए ग्रेजुएट है। वह इन 'म्यूल' खातों की सप्लाई का काम संभालता था। एसआई अरविंद यादव और उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण के बाद 16 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा में छापेमारी कर गौरव पांडे और उसके पांच साथियों—आदित्य मिश्रा, आयुष वर्मा, अभिषेक पाल, हिमांशु राणा और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया। इसके बाद 21 अक्टूबर को कानपुर से एक और संदिग्ध उदित प्रताप सिंह भदौरिया को दबोचा गया।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिसमें 20 मोबाइल फोन, 45 सिम कार्ड, 39 पीओएस मशीनें, 33 डेबिट कार्ड, 28 चेकबुक, 15 स्कैनर, दो लैपटॉप और कई फर्जी दस्तावेज शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने अब तक अलग-अलग राज्यों से आई 27 शिकायतों को इस सिंडिकेट से जोड़कर देखा है।