DU ने निकाली 16,643 खाली UG सीटें, दो कॉलेजों को मिला ऑफलाइन एडमिशन का खास मौका

Kittu Kumari5 August 20262 min read37 viewsDelhi Local
DU ने निकाली 16,643 खाली UG सीटें, दो कॉलेजों को मिला ऑफलाइन एडमिशन का खास मौका

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने Common Seat Allocation System (CSAS) के तीसरे राउंड के लिए 3 अगस्त 2026 को 16,643 खाली undergraduate सीटों की आधिकारिक लिस्ट जारी कर दी है। इसी के साथ दो ऑफ-कम्पस कॉलेजों, अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज को 12वीं के अंकों के आधार पर ऑफलाइन आवेदन से खाली सीटों पर एडमिशन देने की एक बार की छूट दी गई है।

  • DU ने CSAS के तीसरे राउंड के लिए 16,643 खाली UG सीटें जारी कीं।
  • अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज को ऑफलाइन एडमिशन की विशेष छूट मिली।
  • CUET ही एडमिशन का मुख्य रास्ता रहेगा, ऑफलाइन प्रक्रिया सिर्फ एक बार का अपवाद है।

ऑफ़लाइन एडमिशन की प्रक्रिया और तारीखें

भगिनी निवेदिता कॉलेज ने 1 अगस्त को एक पब्लिक नोटिस जारी करके इन स्पेशल ऑफलाइन आवेदनों के लिए बुलाया था, जिसकी अंतिम तारीख 5 अगस्त 2026 थी। इन एडमिशन के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस पेमेंट 6 और 7 अगस्त को तय किए गए हैं। कॉलेज अधिकारियों के मुताबिक, बवाना स्थित अदिति महाविद्यालय में UG की लगभग 40% सीटें खाली रहने की वजह उनकी भौगोलिक स्थिति और महिला-ओनली संस्थानों के लिए कम आवेदकों का होना है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने साफ किया है कि Common University Entrance Test (CUET) ही एडमिशन का मुख्य जरिया रहेगा और यह ऑफलाइन प्रक्रिया सिर्फ एक बार का अपवाद है।

मिड-एंट्री रजिस्ट्रेशन और तीसरे राउंड का शेड्यूल

इसके अलावा, DU ने 3 अगस्त से 5 अगस्त 2026 तक मिड-एंट्री रजिस्ट्रेशन और करेक्शन विंडो भी खोली, जो उम्मीदवार पहले के चरणों में छूट गए थे या अपना एडमिशन प्रोसेस पूरा नहीं कर पाए थे। पिछले राउंड में अपग्रेडेड सीट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए फीस भरने की अंतिम तारीख 4 अगस्त 2026 थी। सीट एलोकेशन का तीसरा राउंड 8 अगस्त को तय है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 11 अगस्त तक अपनी अलॉटेड सीटें स्वीकार करनी होंगी, कॉलेज 12 अगस्त तक एप्लीकेशन वेरिफाई करेंगे और राउंड 3 के एडमिशन के लिए फीस पेमेंट की अंतिम तारीख 13 अगस्त तय की गई है। उधर, Indian National Teachers Congress (INTEC) ने यूनिवर्सिटी द्वारा चुनिंदा कॉलेजों को विशेष एडमिशन अनुमति दिए जाने की आलोचना की है और ऐसी ही समस्याओं का सामना कर रहे सभी संस्थानों के लिए एक जैसी पॉलिसी बनाने की मांग की है।

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