विवादित स्टडी मटेरियल मामला: DU प्रोफेसर बर्खास्त, विरोध में शिक्षकों ने की हड़ताल

विवादित स्टडी मटेरियल के चलते दिल्ली यूनिवर्सिटी ने असिस्टेंट प्रोफेसर को हटाया, जिसके विरोध में DUTA ने किया यूनिवर्सिटी शटडाउन।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
विवादित स्टडी मटेरियल मामला: DU प्रोफेसर बर्खास्त, विरोध में शिक्षकों ने की हड़ताल

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की बर्खास्तगी ने अब बड़ा राजनीतिक और शैक्षणिक विवाद खड़ा कर दिया है। सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) के पॉलिटिकल साइंस विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर सारीपल्ली वी. रविकिरण को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सेवामुक्त कर दिया है। इस कार्रवाई के विरोध में दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DUTA) ने मोर्चा खोल दिया है और यूनिवर्सिटी की गतिविधियों को पूरी तरह ठप कर दिया है।

यह पूरा मामला बीए पॉलिटिकल साइंस के छात्रों के लिए तैयार किए गए स्टडी मटेरियल से जुड़ा है। यूनिवर्सिटी द्वारा की गई दो साल लंबी जांच में इस मटेरियल में कई विवादित बातें पाई गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी मटेरियल में डॉ. बी.आर. अंबेडकर को 'मिलिटेंट' (militant) बताया गया था और महिलाओं के लिए 'लुभाने वाली, चालाक और बेईमान' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा, बीफ सेवन, मनुस्मृति और अपस्तम्ब धर्मसूत्र से जुड़ी सामग्री पर भी सवाल उठाए गए। जांच कमेटी ने साहित्यिक चोरी (plagiarism), AI का अत्यधिक उपयोग और सिलेबस से भटकने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

प्रशासन की कार्रवाई और प्रोफेसर की दलील

यूनिवर्सिटी के कुलपति योगेश सिंह की मंजूरी के बाद CDOE के डायरेक्टर ने 30 अक्टूबर 2026 को बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। प्रशासन ने इसका आधिकारिक कारण प्रोबेशन पीरियड के दौरान 'असंतोषजनक प्रदर्शन' बताया है। हालांकि, प्रोफेसर रविकिरण ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया, लेकिन उन्हें संस्थान से कोई एडिटोरियल सपोर्ट नहीं मिला। उन्होंने यूनिवर्सिटी पर प्रक्रियात्मक खामियों और सिस्टमैटिक बायस (पक्षपात) का आरोप लगाया है।

इस बर्खास्तगी के बाद DUTA ने 2 नवंबर को एक आपातकालीन बैठक की, जिसमें इस फैसले को 'अन्यायपूर्ण' करार दिया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर वी.एस. नेगी के नेतृत्व में 3 नवंबर को यूनिवर्सिटी में एक दिवसीय हड़ताल और पूर्ण शटडाउन किया गया। शिक्षकों का कहना है कि वे इस आदेश को वापस लेने के लिए प्रशासन के साथ बातचीत करेंगे और प्रोफेसर के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि इस बर्खास्तगी का असर प्रोफेसर की भविष्य की सरकारी नौकरियों या DU के अन्य कॉलेजों में आवेदन करने की पात्रता पर नहीं पड़ेगा।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment