रेप और ब्लैकमेलिंग का आरोपी पूर्व DU प्रोफेसर को झटका, कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत

दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के एक पूर्व प्रोफेसर की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। यह प्रोफेसर अपनी ही एक पूर्व छात्रा के साथ बलात्कार करने और उसका अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया है।
इस मामले में सबसे अहम कड़ी व्हाट्सएप चैट्स रहे, जिन्हें सबूत के तौर पर अदालत में पेश किया गया था। इन चैट्स का विश्लेषण करने के बाद जज ने पाया कि पीड़िता पर मानसिक दबाव बनाया गया था और उसे डराया-धमकाया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की प्रकृति और जिस तरह से पीड़िता को धमकाया गया, उसे देखते हुए अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
बता दें कि यह पूरा मामला 19 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट किया गया था। आरोपी प्रोफेसर पर न केवल यौन शोषण के आरोप हैं, बल्कि आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) के तहत भी मामला दर्ज है। पीड़िता का आरोप है कि प्रोफेसर ने उसका भरोसा जीता और फिर उसे ब्लैकमेल करने के लिए आपत्तिजनक वीडियो का सहारा लिया।
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी की राह साफ हो गई है। यह घटना एक बार फिर कैंपस और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और नैतिकता पर सवाल खड़े करती है।