DU PG एडमिशन: 4 साल की डिग्री वालों को सीधे सेकंड ईयर में एंट्री दे यूनिवर्सिटी, हाई कोर्ट का निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को 4 साल की डिग्री वाले छात्रों को पीजी के दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश देने पर विचार करने का निर्देश दिया है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को यह निर्देश दिया है कि वह उन छात्रों के लिए सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश की संभावनाओं पर विचार करे, जिन्होंने चार साल का अंडरग्रेजुएट (UG) प्रोग्राम पूरा किया है। यह आदेश उन याचिकाओं के बाद आया है जिनमें यूनिवर्सिटी की 2026-27 की एडमिशन पॉलिसी को भेदभावपूर्ण बताया गया था।
पूरा विवाद यूनिवर्सिटी द्वारा लागू की गई 'प्रायोरिटी ऑर्डर' या प्रोग्राम-स्पेसिफिक एलिजिबिलिटी (PSE) शर्तों को लेकर है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यूनिवर्सिटी ने चार साल की मल्टीडिसिप्लिनरी डिग्री वालों के मुकाबले ऑनर्स डिग्री वालों को प्राथमिकता दी, जबकि उनके सीजीपीए (CGPA) को नजरअंदाज किया गया। यह सब नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत शुरू किए गए एक साल के मास्टर प्रोग्राम के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
संसाधनों की कमी और नई प्रवेश परीक्षा की तैयारी
अदालती कार्यवाही के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने एक हलफनामा दायर किया। यूनिवर्सिटी ने कोर्ट को बताया कि वर्तमान में उनके पास इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचिंग स्टाफ और हॉस्टल की जगह पहले से ही पूरी क्षमता पर चल रही है, खासकर एक साल के पीजी प्रोग्राम की शुरुआत के बाद। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह देखना जरूरी है कि क्या वे एक साल और दो साल के प्रोग्राम्स में अतिरिक्त छात्रों को जगह दे पाएंगे।
इसके अलावा, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। यूनिवर्सिटी अब 2027-28 शैक्षणिक सत्र से एक साल के पीजी प्रोग्राम के लिए एक समर्पित प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) शुरू करने पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि दो साल के पीजी कोर्स के लिए फिलहाल CUET-PG का इस्तेमाल होता है, लेकिन 2026-27 के एक साल वाले पीजी एडमिशन बिना किसी स्टैंडर्ड एंट्रेंस टेस्ट के किए गए थे।