DU में एक साल के मास्टर कोर्स के लिए एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी, हाई कोर्ट को दी जानकारी

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने हाई कोर्ट को बताया कि वह एक साल के पीजी कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट लागू करने पर विचार कर रही है।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
DU में एक साल के मास्टर कोर्स के लिए एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी, हाई कोर्ट को दी जानकारी

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) अब अपने एक साल के पोस्ट ग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम में एडमिशन की प्रक्रिया को बदलने की तैयारी कर रही है। यूनिवर्सिटी ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया है कि वह अगले शैक्षणिक सत्र से इन कोर्सेज में दाखिले के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट लागू करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता द्वारा दाखिल किए गए एक हलफनामे में दी गई है।

दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब यूनिवर्सिटी के फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) के पहले बैच के करीब 100 छात्रों ने मौजूदा एडमिशन नियमों को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इन छात्रों का आरोप है कि वर्तमान एडमिशन प्रक्रिया भेदभावपूर्ण है और इसमें पारदर्शिता की कमी है।

सीटों की कमी और भेदभाव का आरोप

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

छात्रों ने अपनी याचिका में बताया कि 2026-27 की एडमिशन पॉलिसी के तहत यूनिवर्सिटी ने एंट्रेंस एग्जाम न कराने का फैसला किया था। इसकी जगह P1 और P2 जैसे टियर्स के आधार पर एक प्रायोरिटी सिस्टम बनाया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह सिस्टम उन छात्रों के साथ अन्याय है जिन्होंने जनरल या प्रोग्राम डिग्री ली है, क्योंकि इसमें फोर ईयर ऑनर्स डिग्री वालों को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके अलावा, छात्रों ने सीटों की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया है। आंकड़ों के मुताबिक, जहां करीब 23,000 FYUP ग्रेजुएट्स इस कोर्स के लिए पात्र हैं, वहीं उनके लिए केवल 1,100 सीटें उपलब्ध हैं। छात्रों ने एडमिशन नोटिफिकेशन के देर से आने और मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया में स्पष्टता न होने पर भी सवाल उठाए हैं।

दूसरी ओर, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपनी दलील में कहा कि 2026-27 सत्र में एक साल के पीजी प्रोग्राम की शुरुआत ने संस्थान पर काफी दबाव डाला है और यूनिवर्सिटी अपनी अधिकतम क्षमता के साथ काम कर रही है। फिलहाल यह मामला हाई कोर्ट में लंबित है और यूनिवर्सिटी अपने एडमिशन फ्रेमवर्क की समीक्षा कर रही है।

Share:

Comments

Leave a comment