दिल्ली में अनुबंधित डीटीसी बस चालकों की हड़ताल शनिवार, 20 सितंबर 2026 को छठे दिन में प्रवेश कर गई है, जिससे राजधानी में सार्वजनिक परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस हड़ताल के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: चालक अपनी दैनिक मजदूरी ₹862 से बढ़ाकर कम से कम ₹2,000 करने की मांग कर रहे हैं। ओवरटाइम, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा लाभ, सवैतनिक अवकाश और वार्षिक बोनस की भी मांग की गई है। दिल्ली पुलिस ने रोहिणी जिले में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 12 चालकों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली मेट्रो में 18 सितंबर को 82.44 लाख यात्रियों ने सफर किया जो एक रिकॉर्ड है।
दिल्ली में संविदा डीटीसी बस चालकों की हड़ताल शनिवार को छठे दिन भी जारी रही, जिससे राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था लगातार बाधित हो रही है।
हालांकि पांचवें दिन कुछ बस रूटों पर सेवा आंशिक रूप से बहाल हुई, लेकिन शहर में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बस स्टॉप पर लंबी कतारें आम बनी रहीं।
यह हड़ताल 15 सितंबर 2026 से शुरू हुई थी और चालक उच्च वेतन तथा अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
चालक अपनी दैनिक मजदूरी ₹862 से बढ़ाकर कम से कम ₹2,000 करने की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा ओवरटाइम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा लाभ, सवैतनिक अवकाश और वार्षिक बोनस की मांग भी शामिल है।
दिल्ली परिवहन निगम ने स्थायी कर्मचारियों को तैनात करके कमी को पूरा करने का प्रयास किया है, हालांकि अधिकारियों का मानना है कि हड़ताली संविदा कर्मियों की अधिक संख्या के कारण इसका प्रभाव बहुत कम है।
शनिवार को तनाव उस समय और बढ़ गया जब दिल्ली पुलिस ने रोहिणी जिले में 12 चालकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इन चालकों पर बस की खिड़कियों जैसी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
डीसीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के अध्यक्ष ललित चौधरी और महासचिव मुकेश शर्मा ने स्थायी कर्मचारियों की तैनाती को असफल बताया है।
यूनियन ने गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा चिंताएं उठाते हुए आरोप लगाया है कि टूटे हुए विंडशील्ड वाली क्षतिग्रस्त बसों को जबरन चलाया जा रहा है।
सरकारी वार्ताओं में अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने 17 सितंबर को निजी रियायत धारकों से जुड़े मुद्दों को हल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन श्रम विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किए जाने के कारण अभी तक कोई औपचारिक वेतन समझौता अंतिम रूप नहीं ले पाया है।
आम आदमी पार्टी ने सार्वजनिक रूप से वेतन बढ़ाकर 32,000 रुपये प्रति माह करने की वकालत की है, जिसे पहले उपराज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।
इस बीच शहर के परिवहन ढांचे पर भारी दबाव है और 18 सितंबर को बस नेटवर्क के विकल्प के रूप में दिल्ली मेट्रो में रिकॉर्ड 82.44 लाख यात्रियों ने यात्रा की।
अशांति के बावजूद डीटीसी ने महिला यात्रियों के लिए पिंक टिकट मुफ्त यात्रा योजना को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है।