दिल्ली में प्रज्ञा योग का महाकुंभ: DSVV और गायत्री परिवार ने बनाए दो अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में सामूहिक प्रज्ञा योग कर DSVV और गायत्री परिवार ने इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रज्ञा योग का महाकुंभ: DSVV और गायत्री परिवार ने बनाए दो अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने योग की दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय (DSVV) और ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार, श्री वेदमाता गायत्री ट्रस्ट, शांतिकुंज हरिद्वार के प्रशिक्षित योगियों ने सामूहिक प्रज्ञा योग के जरिए एक साथ दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। इस अद्भुत प्रदर्शन के बाद अब इनका नाम 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' दोनों में दर्ज हो गया है।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि 'शताब्दी समारोह' के दौरान हासिल की गई, जो अखंड दीपक शताब्दी, माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी और परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना शताब्दी के अवसर पर आयोजित था। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में जुटे योगियों ने पूरी एकाग्रता और अनुशासन के साथ गायत्री मंत्र का जाप करते हुए प्रज्ञा योग के 16 स्टेप्स (पदों) का प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों ने एक साथ और एक ही लय में योग मुद्राओं को दोहराया, जिसे आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी गई।

योग केवल व्यायाम नहीं, आध्यात्मिक बदलाव का जरिया

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इस उपलब्धि के बाद रिकॉर्ड सर्टिफिकेट और प्लेक यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या को सौंपे गए। इस मौके पर डॉ. पंड्या ने कहा कि योग सिर्फ शारीरिक कसरत नहीं है, बल्कि यह जीवन को बदलने और आध्यात्मिक ऊंचाई तक पहुंचने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक ज्ञान मनुष्य की आत्मा के भीतर ही निहित है।

कार्यक्रम में मौजूद पतंजलि योगपीठ के महासचिव आचार्य बालकृष्ण ने दिल्ली को भारतीय संस्कृति और योग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरते हुए देखा। उन्होंने गुरुदेव और वंदनीय माताजी के त्याग और 'युग निर्माण' के दर्शन को सामाजिक परिवर्तन के लिए एक प्रेरणा बताया।

तीन दिनों तक चले इस जन्म शताब्दी उत्सव में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत को वैश्विक एकता का आधार बताया। वहीं, ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड कृष रावल और लॉर्ड रसेल रूक ने भी भारतीय योग और आध्यात्मिकता की सराहना करते हुए इसे विश्व शांति का जरिया बताया। इस दौरान लॉर्ड रसेल रूक ने डॉ. चिन्मय पंड्या को साल 2027 में ब्रिटेन में होने वाले G20 कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

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