दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड विवादों में, पद खत्म होने के बाद भी परीक्षा कराने पर उठे गंभीर सवाल

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) पर तब सवाल खड़े हो गए जब उसने उन पदों के लिए परीक्षा आयोजित की, जिन्हें तीन बार पहले ही समाप्त किया जा चुका था। इस मामले ने सरकारी भर्ती प्रणाली में लापरवाही और साजिश को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं (Source)।
- DSSSB द्वारा समाप्त हो चुके पदों पर परीक्षा कराने का मामला सामने आया।
- CAG रिपोर्ट में 1.05 करोड़ रुपये के wasteful expenditure का खुलासा हुआ।
- दिल्ली सरकार के e-procurement सिस्टम और public finance management में कमियां पाई गईं।
- आयु सीमा के विवाद के कारण मार्च 2026 की परीक्षाएं स्थगित की गई थीं।
CAG रिपोर्ट में हुआ wasteful expenditure का खुलासा
7 अगस्त 2026 की एक Comptroller and Auditor General (CAG) report के अनुसार, DSSSB द्वारा ₹1.05 crore का wasteful expenditure किया गया। यह खर्च दिल्ली जल बोर्ड में Junior Engineer के पदों के लिए भर्ती परीक्षा पर किया गया था, जबकि दिल्ली जल बोर्ड ने पहले ही इन विशिष्ट रिक्तियों को वापस लेने की जानकारी बोर्ड को दे दी थी। CAG report ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभागों के बीच तालमेल और रिकॉर्ड की निगरानी पर सवाल उठाए हैं, साथ ही दिल्ली सरकार के e-procurement system और public finance management में व्यापक कमियों और सुरक्षा चूकों की ओर इशारा किया है।
DSSSB की परिचालन संबंधी चुनौतियां और परीक्षा कार्यक्रम
यह विवाद DSSSB के सामने आ रही operational challenges के बीच सामने आया है। बोर्ड ने हाल ही में September 2026 के लिए exam schedules जारी किए हैं और इससे पहले June से September 2026 के बीच विभिन्न पदों के लिए Computer-Based Tests की घोषणा की थी। इससे पहले, दिल्ली सरकार ने TGT posts के लिए आयु सीमा घटाने और महिलाओं के लिए age relaxation हटाने के विरोध के बाद, March 2026 में होने वाली DSSSB examinations को आधिकारिक तौर पर स्थगित कर दिया था। दिल्ली के Education Minister Ashish Sood ने कहा था कि जब तक आयु पात्रता पर revised order जारी नहीं होता, तब तक कोई परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।