गुरूदवारा बंगला साहिब में AAP के विरोध प्रदर्शन पर DSGMC भड़का, कहा- पवित्र स्थल को न बनाएं राजनीति का अखाड़ा

दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने गुरूदवारा बंगला साहिब के भीतर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की कड़ी निंदा की है। यह पूरा मामला 10 अक्टूबर 2026 का है, जब लगभग 150 से 200 प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए और प्लेकार्ड लेकर पवित्र परिसर में प्रवेश किया। DSGMC ने इसे 'गंदी राजनीति' करार देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
घटना के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। न्यू दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस की एंट्री पर सवाल उठाए और इसे 'तालिबान जैसा रवैया' बताया। हालांकि, रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरमीत सिंह कालका ने स्पष्ट किया कि गुरूदवारे सभी को शरण और लंगर देते हैं, लेकिन वे राजनीतिक विरोध जताने की जगह नहीं हैं।
मर्यादा का उल्लंघन और भ्रामक वीडियो का मामला
हरमीत सिंह कालका ने कहा कि यदि किसी को विरोध प्रदर्शन करना है, तो उसके लिए जंतर मंतर या संसद के बाहर जैसे निर्धारित स्थान मौजूद हैं। पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने पूछा कि जब प्रदर्शनकारी धार्मिक स्थल के भीतर जानबूझकर हंगामा कर रहे हों, तो अधिकारियों के पास इसके अलावा और क्या विकल्प बचता था।
इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए जिनमें दावा किया गया कि पुलिसकर्मी जूते पहनकर गुरूदवारे के अंदर घुसे। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारी केवल एक कॉमन ट्रांजिट पैसेज से गुजर रहे थे और जूते उतारने वाले क्षेत्र की ओर जा रहे थे। पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है जिन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की मंशा से ये भ्रामक वीडियो फैलाए। DSGMC ने साफ तौर पर कहा है कि पवित्र स्थल की मर्यादा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।