घरेलू सहायिका की हत्या: साकेत कोर्ट ने डॉ मनीष गुप्ता के खिलाफ तय किए मर्डर के आरोप
साकेत कोर्ट ने घरेलू सहायिका की मौत के मामले में डॉक्टर मनीष गुप्ता के खिलाफ हत्या के आरोप तय किए हैं। जानें क्या है पूरा मामला।

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने माउंट कैलाश इलाके में एक घरेलू सहायिका की मौत के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) डॉ मनीष गुप्ता के खिलाफ हत्या के आरोप तय कर दिए हैं, जिसका मतलब है कि अब यह मामला आधिकारिक तौर पर ट्रायल के चरण में पहुंच गया है। हालांकि, डॉ गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताया है और आरोपों को खारिज किया है।
यह पूरा मामला जून 2026 का है, जब डॉ मनीष गुप्ता के घर में काम करने वाली मीना हलदार की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि मीना पिछले करीब 16 सालों से उनके परिवार के साथ काम कर रही थीं। पुलिस की जांच और आरोपों के मुताबिक, यह घटना एक मामूली विवाद के कारण हुई। आरोप है कि डॉ गुप्ता इस बात से बेहद नाराज हो गए थे कि मीना ने उनके निर्देशों के बजाय उनकी पत्नी की बात को प्राथमिकता दी, जिसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि वह हत्या में बदल गया।
मानसिक स्वास्थ्य का दावा खारिज, अब सत्र न्यायालय में चलेगी सुनवाई
इस मामले में डॉ मनीष गुप्ता जून 2026 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस ने सितंबर 2026 में कोर्ट में 340 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। केस के दौरान बचाव पक्ष ने यह तर्क देने की कोशिश की कि डॉ गुप्ता मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। लेकिन जब जांच के दौरान उनकी मनोरोग जांच (Psychiatric Evaluation) कराई गई, तो रिपोर्ट में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जो यह साबित करे कि उनके व्यवहार में कोई ऐसी असामान्यता थी जिसकी वजह से यह अपराध हुआ हो।
इन तमाम सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जुडिशियल मजिस्ट्रेट ने इस मामले को आगे की कार्यवाही के लिए सत्र न्यायालय (Court of Sessions) में भेज दिया है। अब अदालत यह तय करेगी कि क्या डॉ गुप्ता वास्तव में इस जघन्य अपराध के जिम्मेदार थे या इसके पीछे कोई और कहानी है।