घरेलू सहायिका मर्डर केस: डॉक्टर मनीष गुप्ता पर हत्या का आरोप तय, अब चलेगा ट्रायल
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने घरेलू सहायिका की हत्या के मामले में डॉक्टर मनीष गुप्ता के खिलाफ हत्या के आरोप तय किए हैं।

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने माउंट कैलाश इलाके में हुई एक सनसनीखेज वारदात में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने घरेलू सहायिका की हत्या के मामले में आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता के खिलाफ हत्या के आरोप तय कर दिए हैं। अब इस मामले में ट्रायल चलेगा, जिससे यह साफ होगा कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था।
यह पूरा मामला इस साल 18 जून का है, जब अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के माउंट कैलाश इलाके में एक घरेलू सहायिका, मीना हलदर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि डॉक्टर मनीष गुप्ता ने अपने घर पर मीना को चाकू से गोदकर मार डाला था। वारदात के बाद मृतका का शरीर छत पर खून से लथपथ हालत में पाया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद जून में ही मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था।
गवाहों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनी आधार
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) अनुज अग्रवाल ने रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह कदम उठाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चश्मदीद गवाहों, जिनमें कामिनी अरोड़ा और विनय कुमार अरोड़ा शामिल हैं, के बयानों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से आरोपी के खिलाफ गहरा संदेह पैदा होता है। इसी आधार पर आरोपी मनीष गुप्ता पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला चलाने का निर्णय लिया गया है।
जब कोर्ट ने आरोपों को आरोपी को समझाया, तो मनीष गुप्ता ने खुद को बेगुनाह बताया और ट्रायल की मांग की। इस बीच, आरोपी ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट और इलाज के लिए याचिका दायर की है, जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 14 सितंबर को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर 18 सितंबर को कोर्ट ने संज्ञान लिया था। फिलहाल आरोपी मनीष गुप्ता की पैरवी वकील कमल नयन तिवारी कर रहे हैं और मामला अब कानूनी ट्रायल के दौर में है।