दिल्ली मेट्रो ने वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण स्थलों पर व्हील-वाशिंग और धूल नियंत्रण उपायों को तेज किया

दिल्ली मेट्रो रेल निगम यानी DMRC ने 22 सितंबर 2026 को निर्माण स्थलों पर व्हील-वाशिंग सुविधाओं के असर को दिखाते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। एक आधिकारिक बयान के जरिए DMRC ने इस बात पर जोर दिया है कि ये सुविधाएं कार्यक्षेत्रों से बाहर निकलने वाले वाहनों के पहियों से कीचड़, मिट्टी और धूल हटाने में बहुत मददगार हैं, जिससे सड़कें साफ रहती हैं और दिल्ली को हरा-भरा रखने में मदद मिलती है। यह पूरी प्रक्रिया DMRC की वायु प्रदूषण कम करने की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसमें पर्यावरण विभाग द्वारा रोज की जाने वाली जांच शामिल है। यह सभी प्रयास दिल्ली सरकार के कड़े आदेशों के तहत किए जा रहे हैं, जिसमें मई 2026 में लागू हुआ वह नियम भी शामिल है जिसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर कम से कम 100 जीएसएम की उच्च घनत्व वाली डस्ट स्क्रीन लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM के 1 अप्रैल 2026 से लागू नियमों के अनुसार, DMRC 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट वाले प्रोजेक्ट्स के लिए खुद का ऑडिट और रिमोट मॉनिटरिंग सेंसर का उपयोग करके नियमों का पालन सुनिश्चित करता है।