पिंक लाइन पर दिल्ली मेट्रो की नई सुविधा: अब पता चलेगा किस कोच में है कितनी भीड़
दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर अब यात्रियों को पता चलेगा किस कोच में कितनी भीड़ है। प्लेटफॉर्म स्क्रीन पर दिखेगी रियल-टाइम जानकारी।

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत आई है। दिल्ली मेट्रो कोच ऑक्युपेंसी सिस्टम अब पिंक लाइन (लाइन 7) पर भी शुरू हो गया है। इस नई तकनीक की मदद से यात्रियों को ट्रेन आने से पहले ही यह पता चल जाएगा कि ट्रेन के किस कोच में भीड़ ज्यादा है और कहाँ जगह खाली है। यह सुविधा 30 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है, जिससे अब यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं होगी।
यह पूरा सिस्टम प्लेटफॉर्म पर लगे पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (PIDS) स्क्रीन के जरिए काम करता है। जब ट्रेन स्टेशन की ओर बढ़ रही होती है, तो स्क्रीन पर C1 से C6 तक के सभी छह कोचों में भीड़ का अनुमानित स्तर दिखाई देता है। इसके लिए कोचों के अंदर खास लोड सेंसर लगाए गए हैं, जो ट्रेन के खाली वजन और वर्तमान वजन के बीच के अंतर को मापकर यह बताते हैं कि कोच कितना भरा हुआ है। हालांकि ये आंकड़े एकदम सटीक नहीं होते, लेकिन यात्रियों को यह तय करने में मदद करते हैं कि उन्हें किस कोच में चढ़ना चाहिए।
सफर होगा आसान और समय की होगी बचत
DMRC के अनुसार, यह सुविधा मजलिस पार्क से शिव विहार तक की पूरी पिंक लाइन, जिसमें मौजपुर-बबबपूर सेक्शन भी शामिल है, पर लागू की गई है। DMRC के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने बताया कि पिंक लाइन के सर्कुलर रूट और डेटा इंटरलिंकिंग की तकनीकी जटिलताओं के कारण इसे लागू करने में काफी मेहनत लगी।
बता दें कि यह सिस्टम पहले से ही मैजेंटा लाइन (लाइन 8) पर 2022 से काम कर रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पीक ऑवर्स के दौरान किसी एक कोच में होने वाली अत्यधिक भीड़ को कम करना और यात्रियों को पूरी ट्रेन में समान रूप से वितरित करना है। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि सफर अधिक आरामदायक और व्यवस्थित भी होगा। मेट्रो प्रशासन अब तकनीक के जरिए यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।