DMRC और MES के बीच समझौता, अब सेना के लिए बनेंगे रणनीतिक अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों संस्थाओं ने 15 अक्टूबर, 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों के लिए रणनीतिक अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर की प्लानिंग, डिजाइन और उनके निर्माण में सहयोग करना है।
इस समझौते के तहत DMRC की टनलिंग और अंडरग्राउंड इंजीनियरिंग की विशेषज्ञता का लाभ अब सेना को मिलेगा। वहीं, MES अपनी रणनीतिक रक्षा क्षमताओं के जरिए इस पूरी प्रक्रिया को दिशा देगा। इस साझेदारी से न केवल महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रोजेक्ट के निष्पादन और क्षमता निर्माण में भी तेजी आएगी।
साइनिंग सेरेमनी में दिग्गजों की मौजूदगी
इस अहम समझौते पर MES के डायरेक्टर जनरल वर्क्स मेजर जनरल मनोज उम्मेन और DMRC के बिजनेस डेवलपमेंट डायरेक्टर डॉ. प्रमित कुमार गर्ग ने हस्ताक्षर किए। यह पूरा कार्यक्रम DMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विकास कुमार और इंजीनियर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस मौके पर दोनों विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा और इंजीनियरिंग के तालमेल के रूप में सराहा।