दिल्ली में हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपने विभिन्न निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र शुरू किए हैं। यह पहल संगठन के स्टेकहोल्डर अवेयरनेस प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसे मजदूरों को यह समझाने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि उनके दैनिक निर्माण कार्यों का शहर की हवा पर सीधा असर कैसे पड़ता है।
इस प्रशिक्षण सत्र में धूल को नियंत्रित करने के खास उपायों पर जोर दिया गया है।
कर्मचारियों को खुले मैदान और निर्माण वाली सड़कों पर नियमित रूप से पानी छिड़कने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, सभी मिट्टी के ढेरों और सामान से भरे ट्रकों को अच्छी तरह से ढकने, और काम करने वाली जगहों पर बैरिकेड्स और हरे जाल का उपयोग करने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी तरह का कचरा न जलाने की सलाह भी दी गई है।
DMRC ने मजदूरों को यह भी निर्देश दिया है कि वे जरूरत न होने पर मशीनें बंद रखें और पर्यावरण के अनुकूल उपकरणों का ही इस्तेमाल करें।
सभी को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। यह पूरी पहल
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के साथ मिलकर चलाई जा रही है। इस बात की आधिकारिक घोषणा दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा 29 सितंबर 2026 को की गई थी।