Delhi Metro: CJP Protest के चलते 16 मेट्रो स्टेशन बंद, जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली में Cockroach Janata Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण DMRC ने सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया था। यह स्थिति बुधवार, 22 जुलाई और गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को देखी गई। इन स्टेशनों में राजीव चौक, पटेल चौक, दिल्ली गेट और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे प्रमुख हब शामिल थे। इस हफ्ते यह दूसरी बार है जब मेट्रो सेवाओं को बाधित किया गया है, इससे पहले सोमवार को 5 स्टेशन बंद किए गए थे। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रही और 23 जुलाई की शाम तक सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो गईं।
NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
CJP का मुख्य विरोध NEET 'पेपर लीक' मामले को लेकर है। पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास का कहना है कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं और यह मांग 'non-negotiable' है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने New Delhi जिले में Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) की धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू कर दी थी। पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई के प्रदर्शन के लिए शाम 7 बजे तक की अनुमति दी गई थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी समय सीमा खत्म होने के बाद भी डटे रहे।
हिंसा और कानूनी कार्रवाई
विरोध प्रदर्शन के दौरान Tolstoy Marg पर पथराव में एक Additional Commissioner of Police घायल हो गए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के दावों को सिरे से खारिज किया है। वहीं, मुंबई में भी पुलिस ने करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और 13 FIR दर्ज की हैं। Delhi High Court ने पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है और सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुप्रीम कोर्ट
इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री JP Nadda ने कहा कि केंद्र सरकार चर्चा के लिए तैयार है, साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, Supreme Court ने पुलिस कार्रवाई की जांच की याचिका को खारिज कर दिया है, जबकि Supreme Court Advocates-on-Record Association ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। इस बीच, प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वंगचुक के भूख हड़ताल पर रहने और बाद में अस्पताल में भर्ती होने की भी खबरें सामने आई हैं।