DLCSUPVA और इंडिया हैबिटेट सेंटर के बीच समझौता, छात्रों को मिलेगा हुनर दिखाने का बड़ा मंच
रोहतक की DLCSUPVA यूनिवर्सिटी और इंडिया हैबिटेट सेंटर ने छात्रों की कला को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है। अब स्टूडेंट्स को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म।

कला और संस्कृति के क्षेत्र में उभरते सितारों के लिए एक बड़ी खबर आई है। रोहतक स्थित दादा लक्ष्मी चंद राज्य प्रदर्शन और दृश्य कला विश्वविद्यालय (DLCSUPVA) के छात्रों को अब अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली का एक प्रतिष्ठित मंच मिलेगा। यूनिवर्सिटी और इंडिया हैबिटेट सेंटर (IHC) ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे अब स्टूडेंट्स अपनी कलाकृतियों और प्रोजेक्ट्स को दिल्ली के इस प्रमुख केंद्र पर प्रदर्शित कर सकेंगे।
इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सेमिनार हॉल में आयोजित एक समारोह के दौरान किए गए। इस एमओयू पर DLCSUPVA की रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा और IHC के डायरेक्टर प्रोफेसर (डॉ.) के.जी. सुरेश ने साइन किए। इसके बाद आधिकारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान प्रोफेसर सुरेश और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अमित आर्य के बीच हुआ।
अकादमिक और सांस्कृतिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक, पेशेवर और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना है। इस समझौते के जरिए ट्रेनिंग, रिसर्च और क्रिएटिव गतिविधियों का आदान-प्रदान आसान होगा। प्रोफेसर (डॉ.) के.जी. सुरेश ने इस मौके पर कहा कि यह पहल कला और संस्कृति के क्षेत्र में शोधकर्ताओं, शिक्षकों और छात्रों के लिए नए और महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगी।
उन्होंने आगे बताया कि इंडिया हैबिटेट सेंटर, जो पर्यावरण, वास्तुकला और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में अपने कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है, इस समझौते को एक मील का पत्थर मानता है। इससे छात्रों को अपनी पेशेवर क्षमताओं को एक बड़े और प्रभावशाली मंच पर साबित करने का मौका मिलेगा।
बता दें कि DLCSUPVA फिल्म और टेलीविजन, डिजाइन, विजुअल आर्ट्स और आर्किटेक्चरल प्लानिंग जैसे रचनात्मक विषयों में विशेषज्ञता रखने वाली यूनिवर्सिटी है। अब इस सहयोग से इन क्षेत्रों के छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और एक्सपोजर मिलने की उम्मीद है।