'देश की सबसे बड़ी साजिश', डीके शिवकुमार ने चुनाव आयोग पर लगाया वोटर्स हटाने का गंभीर आरोप

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष पर हमला बोला है। नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक बड़ी साजिश रची जा रही है, जिसके तहत अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्ग के वैध मतदाताओं के नाम चुनावी सूचियों से धोखाधड़ी से हटाए जा रहे हैं। शिवकुमार ने इसे देश की सबसे बड़ी साजिश करार दिया है।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि इस पूरे खेल के पीछे एक सुनियोजित रणनीति है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा मुख्यालय में हजारों की संख्या में 'फॉर्म 7' के आवेदन कंप्यूटर से प्रिंट किए गए थे, जिनमें वोटरों की सटीक जानकारी भरी हुई थी। इन फॉर्म्स को स्थानीय कार्यकर्ताओं में बांटा गया ताकि टारगेटेड तरीके से वोटरों के नाम काटे जा सकें। उन्होंने बताया कि उनके राज्य कर्नाटक में एक लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई, जिनमें मुख्य रूप से अल्पसंख्यक और दलित समुदाय के लोग शामिल थे।
राहुल गांधी की तारीफ और बेंगलुरु में पुलिस कार्रवाई
इस दौरान डीके शिवकुमार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी निजी स्वार्थ के लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। शिवकुमार के मुताबिक, वोट देने का अधिकार वास्तव में जीने के अधिकार जैसा है और इसे छीनने की कोशिश करना अपराध है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत की, तो घबराकर कई बीएलओ (BLO) के पास जमा किए गए फॉर्म वापस ले लिए गए।
इस विवाद के बीच बेंगलुरु पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई की है। जयनगर विधानसभा क्षेत्र में 5,698 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फर्जी फॉर्म-7 जमा करने के आरोप में भाजपा के दो बूथ लेवल एजेंटों (BLA) और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कर्नाटक महिला कांग्रेस अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत पर पुलिस ने यह कदम उठाया है। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी हस्ताक्षर और गलत जानकारी का इस्तेमाल कर उन वोटरों को निशाना बनाया जो भाजपा के अनुकूल नहीं थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।