DJB STP टेंडर घोटाला: पूर्व CEO उदित प्रकाश राय ने अपनी गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी, कोर्ट में दी चुनौती

Kittu Kumari20 August 20262 min read91 viewsDelhi Local
DJB STP टेंडर घोटाला: पूर्व CEO उदित प्रकाश राय ने अपनी गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी, कोर्ट में दी चुनौती

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय ने अपनी हालिया गिरफ्तारी को चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया है कि एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा की गई यह कार्रवाई इलीगल है और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स का उल्लंघन करती है।

  • उदित प्रकाश राय ने अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया।
  • उन्होंने अर्नेश कुमार केस की गाइडलाइन्स का हवाला दिया।
  • कोर्ट ने कहा कि जांच में सहयोग करने से गिरफ्तारी नहीं रुकती।
  • केस में IPC की धारा 409 के तहत मामला दर्ज है।

कोर्ट की सुनवाई और जमानत याचिका

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गुरुवार, 19 अगस्त 2026 को कोर्ट में पेशी के दौरान, उदित प्रकाश राय की जमानत याचिका (Bail Plea) को उनके सीनियर काउंसिल की अनुपस्थिति के कारण स्थगित कर दिया गया। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को तय की है। जज डिग विनय सिंह ने चुनौती पर गौर करते हुए कहा कि जांच के दौरान पहले सहयोग करने का मतलब यह नहीं है कि बाद में गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 का मामला है, जिसमें अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है, जो कानूनी कार्यवाही में एक महत्वपूर्ण कारक है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप यहाँ क्लिक करें

STP टेंडर घोटाले की जांच

यह पूरा भ्रष्टाचार मामला 11 मई 2024 को दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ, जो DJB के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडरों में अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में पूर्व दिल्ली जल मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व DJB कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव के साथ-साथ M/s Euroteck Environmental Pvt Ltd, M/s AN Enterprises और M/s Srijanhar Enterprises के प्रतिनिधियों को आरोपी बनाया गया है।

ACB के प्रमुख और जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस विक्रमजीत सिंह ने बताया कि टेंडरिंग प्रोसेस में कुछ खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स को फायदा पहुँचाने के लिए रिस्ट्रिक्टिव टेक्निकल स्पेसिफिकेशन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कॉम्पिटिशन खत्म हो गया और कुछ लोगों को अनुचित लाभ मिला। वर्तमान में, सत्येंद्र जैन और चार अन्य सह-आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं, जबकि अंकित श्रीवास्तव दो दिन की पुलिस हिरासत में हैं। इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ उपलब्ध है

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