DJB एसटीपी टेंडर घोटाला मामला: कोर्ट ने पूर्व चीफ इंजीनियर की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) एसटीपी टेंडर घोटाला मामले में पूर्व चीफ इंजीनियर सतीश चंद्र वशिष्ठ की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने विनोद चौहान की अग्रिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया है। एटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने दोनों याचिकाओं का कड़ा विरोध किया है। विशेष जज दिग विनय सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने केिसके बाद 21 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित कर लिया है। एसीबी का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।जांच एजेंसी के अनुसार, सतीश चंद्र वशिष्ठ साल 2018 से अक्टूबर 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड में चीफ इंजीनियर (SDW) के पद पर तैनात थे। वह एसटीपी टेंडर प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों के लिए जिम्मेदार थे। एसीबी ने बताया कि वशिष्ठ ने आईएफएएस तकनीक को अपनाने से जुड़े प्रस्ताव शुरू किए और टेंडर की शर्तों को सीमित करने वाले शुद्धिपत्र जारी किए। जांच में सामने आया कि यूरोटेक एनवायर्नमेंटल प्राइवेट लिमिटेड के राजा कुमार कुर्रा ने व्हाट्सएप मैसेज के जरिए नागेंद्र यादव को टेंडर की शर्तों में बदलाव के सुझाव दिए थे। इसके बाद एस.सी. वशिष्ठ ने एक-दो दिन के भीतर उन सुझावों को टेंडर दस्तावेजों में शामिल कर लिया।