SIR के खिलाफ प्रदर्शन: दिल्ली में 100 से ज्यादा दिशा छात्र हिरासत में
चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे दिशा संगठन के 100 से ज्यादा छात्र दिल्ली पुलिस की हिरासत में लिए गए।

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को उस वक्त तनाव देखा गया जब चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 'दिशा' संगठन के करीब 100 छात्र पुलिस की गिरफ्त में आ गए। ये छात्र मिंटो रोड से कनॉट प्लेस की तरफ मार्च कर रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे अपनी मंजिल तक पहुँचते, दिल्ली पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
छात्रों की यह नाराजगी चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर थी। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि इस पूरी प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए। यह विरोध प्रदर्शन एक ऐसे समय में हुआ जब दिल्ली में विपक्ष का बड़ा जमावड़ा था। एक तरफ जहाँ ये छात्र सड़कों पर थे, वहीं दूसरी तरफ रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन द्वारा 'चलो दिल्ली' और 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली का आयोजन किया गया था।
विपक्ष का हमला और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रामलीला मैदान में आयोजित इस बड़ी रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और ममता बनर्जी जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के आरोप लगाए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूचियों से जुड़े उनके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
इतने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मध्य दिल्ली के इलाकों में 4,000 से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। जहाँ इंडिया गठबंधन की रैली को पुलिस की अनुमति मिली हुई थी, वहीं छात्रों के मार्च को प्रशासन ने प्रतिबंधित कर दिया था।
इसी बीच, भाजपा ने भी हरि नगर जैसे इलाकों में 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद में अलग से प्रदर्शन आयोजित किए, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक हलचल बनी रही।