वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर भड़के दीपांकर भट्टाचार्य, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली का ऐलान

CPI(ML) के दीपांकर भट्टाचार्य ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा और 1 नवंबर को बड़ी रैली का ऐलान किया है।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर भड़के दीपांकर भट्टाचार्य, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली का ऐलान

दिल्ली में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सियासी पारा चढ़ गया है। CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वोटर लिस्ट में जो गड़बड़ी हुई है, उसे ठीक करना बेहद जरूरी है। भट्टाचार्य ने इस मुद्दे को लेकर 1 नवंबर को एक विशाल रैली आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

त्रिलोकपुरी में आयोजित ‘वोट अधिकार जीने का अधिकार’ जनसुनवाई के दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वोटर लिस्ट अपडेट से जुड़े सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सभी फैसले मिलकर लिए गए थे, तो पिछले 10 महीनों में 14 बार शिकायतें क्यों दर्ज की गईं? उन्होंने आरोप लगाया कि चार बूथों से 416 लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है।

व्यापारियों की परेशानी और सरकार पर निशाना

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दीपांकर भट्टाचार्य ने केवल चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों पर प्रशासन ने 'युद्ध' छेड़ दिया है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे वे पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं।

उन्होंने व्यापारिक नुकसान के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मेट्रो सेवाओं को रोकना, ट्रेनों का ट्रैफिक बाधित करना और भारी पुलिस बैरिकेडिंग लगाना सरकार का फैसला था। उन्होंने तर्क दिया कि अगर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने दिया जाता, तो व्यापारियों को यह नुकसान नहीं उठाना पड़ता।

गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के अन्य दल भी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रतीकात्मक महाभियोग की कार्रवाई करने और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'दिल्ली चलो' मार्च निकालने की योजना बनाई है।

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