दिल्ली धुरंधरों ने जीता पहला कोरफबॉल प्रीमियर लीग, दंगल वॉरियर्स को रोमांचक फाइनल में हराया

देश में पहली बार आयोजित हुई कोरफबॉल प्रीमियर लीग (KPL) के पहले सीजन में दिल्ली धुरंधरों ने अपना दबदबा कायम किया है। नई दिल्ली के त्यागराज इंडोर स्टेडियम में खेले गए एक हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में दिल्ली धुरंधरों ने दंगल वॉरियर्स को 17-15 के करीबी अंतर से हराकर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम की। 19 सितंबर से शुरू हुए इस टूर्नामेंट का समापन 4 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिसने दिल्ली धुरंधरों को भारत की इस पहली मिश्रित-लिंग (mixed-gender) स्पोर्ट्स लीग का पहला विजेता बना दिया है।
इस लीग की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी, जिसमें कुल आठ फ्रेंचाइजी टीमों ने हिस्सा लिया। इन टीमों में दिल्ली धुरंधर और दंगल वॉरियर्स के अलावा थाला स्ट्राइकर्स, तेलुगु लीजेंड्स, गुजरात रॉयल्स, फतेह वॉरियर्स और यूपी हसलर्स जैसी टीमें शामिल थीं। यह पूरा टूर्नामेंट इंटरनेशनल कोरफबॉल फेडरेशन (IKF) के नियमों के तहत खेला गया, जिसमें खेल की निष्पक्षता के लिए पहली बार प्रोफेशनल लेवल पर वीडियो रिप्ले यानी डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) का इस्तेमाल किया गया।
'नया खेल, नई सोच' के साथ समावेशी खेल की पहल
कोरफबॉल एक ऐसा खेल है जहाँ एक टीम में चार पुरुष और चार महिला खिलाड़ी एक साथ मैदान पर उतरते हैं। इसमें ड्रिबलिंग या फिजिकल कॉन्टैक्ट की अनुमति नहीं होती और खिलाड़ियों को 3.5 मीटर ऊंचे बास्केट में गेंद डालनी होती है। इस लीग का उद्देश्य 'नया खेल, नई सोच' के दर्शन के साथ पारंपरिक बाधाओं को तोड़ना और खेल में समानता को बढ़ावा देना था।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की संगठित प्रतियोगिताएं देश के खेल ढांचे में विविधता लाने में मदद करेंगी। इस आयोजन को गेम चेंजर्स FZCO और स्पोर्टी भारत द्वारा IKF और कोरफबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के समन्वय से पूरा किया गया। लीग के सह-संस्थापक अमनदीप सिंह और सीईओ ज़ारा गधोक ने इसे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य और समावेशी बनाने पर जोर दिया। इस पूरे टूर्नामेंट का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स और जियोहॉटस्टार जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर किया गया, जिससे इस नए खेल को व्यापक पहचान मिली।