"जिस फिल्म का मजाक उड़ा रहे हो, उसके लिए हम लड़े हैं": दिल्ली में बोले दिलजीत दोसांझ
दिल्ली कॉन्सर्ट में दिलजीत दोसांझ ने अपनी फिल्म 'सतलुज' को लेकर हो रही ट्रोलिंग पर जवाब दिया और पंजाब के संघर्ष को याद दिलाया।

मशहूर सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने 'ऑरा इंडिया टूर 2026' को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित उनके पहले शो में फैंस का जबरदस्त हुजूम उमड़ा। लेकिन इस इवेंट के दौरान दिलजीत ने सिर्फ गाना ही नहीं गाया, बल्कि अपनी आने वाली फिल्म 'सतलुज' को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग और विवादों पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी।
मंच से हजारों प्रशंसकों को संबोधित करते हुए दिलजीत ने कहा कि वह एक कलाकार हैं और सभी से प्यार करते हैं, लेकिन जब बात पंजाब और वहां के संघर्ष की आती है, तो वह चुप नहीं रह सकते। उन्होंने ट्रोल करने वालों को जवाब देते हुए कहा, "जिस फिल्म का आप मजाक उड़ा रहे हैं, वह जसवंत सिंह खालरा की फिल्म है। इस फिल्म को बनाने के लिए हम लंबे समय तक लड़े हैं। मैं आप सभी से प्यार करता हूं, और अगर कोई हमसे नफरत करता है तो वह भी ठीक है, लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाइए कि लड़ना कैसे है।"
जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है 'सतलुज'
दिलजीत की यह फिल्म 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके साहसी कार्यों पर आधारित है। खालरा ने 1980 के दशक के अंत और 90 के दशक की शुरुआत में पंजाब में उग्रवाद और जवाबी अभियानों के दौरान हुई कथित अवैध हत्याओं और गुप्त दाह-संस्कारों का पर्दाफाश किया था। यह फिल्म उस दौर के काले सच और मानवाधिकारों के संघर्ष को दिखाती है।
बता दें कि इस साल 3 जुलाई को यह फिल्म ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन विवादों के चलते इसे दो दिनों के भीतर ही प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया था। जसवंत सिंह खालरा खुद 1995 में रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे और बाद में उनका शव सतलुज नदी के पास हरीके पुल के पास मिला था। आरोप है कि तत्कालीन पंजाब पुलिस के अधिकारियों के कहने पर उनका अपहरण किया गया और उन्हें प्रताड़ित कर मार डाला गया था।
दिल्ली में हुए इस सोल्ड-आउट शो के साथ दिलजीत ने अपने भारत दौरे की शानदार शुरुआत की है। बुकमायशो लाइव और लाइव नेशन द्वारा सह-प्रायोजित यह टूर देश के विभिन्न शहरों में जाएगा, जहां फैंस अपने पसंदीदा स्टार को लाइव सुनने के लिए उत्सुक हैं।