दिलजीत दोसांझ कॉन्सर्ट: JLN स्टेडियम के पास ट्रैफिक डायवर्ट, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। रूट डायवर्जन और पार्किंग नियमों की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

अगर आप शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होने वाले दिलजीत दोसांझ के 'ऑरा इंडिया टूर 2026' कॉन्सर्ट में जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए दिलजीत दोसांझ कॉन्सर्ट ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है, ताकि प्रशंसकों को आने-जाने में परेशानी न हो और शहर की रफ्तार भी न थमे।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, दोपहर 1:00 बजे से लेकर आधी रात 12:00 बजे तक स्टेडियम के आसपास के इलाकों में ट्रैफिक पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे। इस दौरान 11 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होगी। इनमें मुख्य रूप से भीष्म पितामह मार्ग, लोधी रोड, लाला लाजपत राय मार्ग (डिफेंस कॉलोनी और लोधी कॉलोनी फ्लाईओवर के बीच), आर्क बिशप मार्ग, फोर्थ एवेन्यू रोड और फिफ्थ एवेन्यू रोड शामिल हैं। इसके अलावा दयाल सिंह कॉलेज रोड, JLN स्टेडियम मार्ग, लोधी कॉलोनी की आंतरिक सड़कें, CGO कॉम्प्लेक्स और बारापुला फ्लाईओवर के पास भी भारी जाम लग सकता है।
पार्किंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए खास नियम
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्टेडियम के आसपास सार्वजनिक पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। केवल विशेष आमंत्रित मेहमानों के लिए सुनहरी पुल बस डिपो और दयाल सिंह कॉलेज में सीमित पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब को स्टेडियम के पास रुकने या खड़े होने की अनुमति नहीं होगी। पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ के लिए केवल तीन पॉइंट्स तय किए गए हैं: आर्क बिशप मार्ग, प्रगति विहार स्थित लाल मस्जिद और कुशक नाला बस डिपो रेड लाइट।
भीड़ से बचने के लिए प्रशासन ने लोगों को दिल्ली मेट्रो का उपयोग करने की सलाह दी है। मेट्रो यात्रियों के लिए रूट इस प्रकार हैं:
- वॉयलेट लाइन: गेट नंबर 13, 14 और 17 के लिए JLN स्टेडियम या जंगपुरा स्टेशन पर उतरें।
- येलो लाइन: गेट नंबर 3, 6 और 8 के लिए INA या जोर बाग स्टेशन का उपयोग करें और कुशक नाला के रास्ते पहुंचें।
ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए आठ प्रमुख डायवर्जन पॉइंट्स बनाए गए हैं। हालांकि, इस पूरी व्यवस्था के बीच आपातकालीन चिकित्सा वाहनों (एम्बुलेंस) को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में देरी न हो।