Digital India BHASHINI ने हरियाणा विधानसभा में AI भाषा समाधान पर आयोजित किए विशेष workshops

Kittu Kumari7 August 20262 min read28 viewsNational
Digital India BHASHINI ने हरियाणा विधानसभा में AI भाषा समाधान पर आयोजित किए विशेष workshops

Digital India BHASHINI Division ने हाल ही में हरियाणा विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के लिए बहुभाषी AI workshops की एक श्रृंखला आयोजित की है। इन workshops का मुख्य उद्देश्य उन्नत भाषा तकनीकों के माध्यम से विधायी कार्यवाही को बेहतर बनाना है। यह workshops 27 जुलाई, 28 जुलाई और 4 अगस्त 2026 को आयोजित की गईं, जिनका लक्ष्य Artificial Intelligence-powered ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम का लाभ उठाकर बहुभाषी गवर्नेंस को मजबूत करना और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना था। इस संबंध में अधिक जानकारी PIB release में दी गई है।

कार्यशाला में मुख्य प्रतिभागी और विजन

इन workshops में हरियाणा विधानसभा के Translation, Publication और Information Technology Wings के अधिकारियों के साथ-साथ Members of Legislative Assembly और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। Digital India BHASHINI Division के CEO श्री अमिताभ नाग ने बहुभाषी AI द्वारा संचालित "language-first Digital Public Infrastructure" के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने गवर्नेंस को बदलने की इसकी क्षमता पर जोर दिया, जिससे नागरिक अपनी पसंदीदा भाषा में डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच सकें।

AI टूल्स के लाइव प्रदर्शन

workshops में BHASHINI के AI-powered समाधानों के लाइव प्रदर्शन शामिल थे, जिनमें बहुभाषी स्पीच रिकग्निशन, ट्रांसलेशन, ट्रांसक्रिप्शन और डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग तकनीकें शामिल थीं। इन टूल्स में Automatic Speech Recognition (ASR), Neural Machine Translation (NMT), Text-to-Speech (TTS), Optical Character Recognition (OCR), Transliteration और बहुभाषी APIs शामिल हैं। इन तकनीकों ने विधायी दस्तावेज़ीकरण, भाषा-समावेशी संचार और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन का समर्थन करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम

हरियाणा विधानसभा के अधिकारियों, जिनमें स्पीकर के सलाहकार श्री राम नारायण यादव और सचिव राजीव प्रसाद शामिल हैं, ने विधायी कार्यवाही और दस्तावेजों के ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन के लिए BHASHINI के AI की उपयोगिता को स्वीकार किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हालांकि AI दक्षता को बढ़ाता है, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड की तथ्यात्मक सटीकता, सही व्याकरण और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए मानवीय निर्णय, अनुशासन, जवाबदेही और सत्यापन महत्वपूर्ण बने हुए हैं। इस विषय पर NewsOnAir पर रिपोर्ट दी गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये workshops बहुभाषी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक संस्थानों में AI-powered भाषा तकनीकों को व्यापक रूप से अपनाने की दिशा में एक कदम का प्रतीक हैं, जैसा कि PIB release में बताया गया है।

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