गुरुग्राम: मेरी मां को धक्का दिया, मुझे घसीटकर ले गए पुलिसवाले: ध्रुव राठी

मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने दिल्ली पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। हिरासत से रिहा होने के बाद एक वीडियो जारी कर राठी ने दावा किया कि शनिवार की सुबह सादे कपड़ों में करीब 50 लोग उनके गुरुग्राम स्थित घर में जबरन घुस आए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उनकी मां को धक्का दिया और उन्हें बेडरूम से घसीटते हुए जीप में डाल दिया।
ध्रुव राठी ने इस पूरी कार्रवाई को गिरफ्तारी नहीं, बल्कि 'किडनैपिंग' करार दिया है। उनका कहना है कि उन्हें करीब 22-23 घंटे तक हिरासत में रखा गया और इस दौरान उन्हें अपने वकील से बात करने तक की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्हें सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच थाने में रखा गया था, लेकिन इस पूरे मामले पर पुलिस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अघोषित इमरजेंसी और नागरिकता पर बोले ध्रुव
अपने वीडियो में ध्रुव राठी ने अपना पासपोर्ट दिखाते हुए स्पष्ट किया कि वह जर्मनी या किसी अन्य देश के नागरिक नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं भारतीय हूं, भारतीय था और भारतीय रहूंगा। मुझे देश के मुद्दों पर बोलने से कोई नहीं रोक सकता।"
राठी ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में फिलहाल 'अघोषित इमरजेंसी' जैसे हालात हैं और जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है, उसे डराया जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी सरकार पर चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया।
बता दें कि इस घटना से ठीक पहले शुक्रवार को ध्रुव राठी ने एक वीडियो जारी कर लोगों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से वह पुलिस की रडार पर थे और शनिवार सुबह उन्हें घर से ही हिरासत में ले लिया गया, जिससे वह प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंच सके।