ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा, राम-सीता पर विवादित वीडियो मामला पहुंचा साकेत कोर्ट

मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। यह पूरा विवाद भगवान राम और माता सीता से जुड़े एक वीडियो को लेकर है, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया था कि उन्होंने अपने वनवास के दौरान मांस और मदिरा का सेवन किया था।
सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड अमिता सचदेवा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पहले इस वीडियो को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद भारत सरकार ने यूट्यूब को यह वीडियो हटाने का निर्देश दिया था और वीडियो हटा भी दिया गया था। लेकिन विवाद तब बढ़ा जब इस 21 मिनट के वीडियो में से तीन मिनट का एक हिस्सा काटकर दोबारा अपलोड कर दिया गया।
तकनीकी खराबी के कारण अगली सुनवाई 5 नवंबर को
अमिता सचदेवा के मुताबिक, वीडियो को दोबारा अपलोड किए जाने के बाद याचिकाकर्ताओं ने फिर से दिल्ली हाई कोर्ट से संपर्क किया। कोर्ट ने उन्हें ध्रुव राठी के खिलाफ नई कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अनुमति दे दी। इसी आधार पर साकेत कोर्ट के जिला जज के सामने मानहानि, निषेधाज्ञा और हर्जाने की मांग करते हुए यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मामले की पहली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के सीनियर काउंसिल मकरंद नातकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी दलीलें पेश कर रहे थे। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों की वजह से वे अपनी बात पूरी नहीं कर सके। इस वजह से कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर के लिए तय की है, जिस दिन दोबारा दलीलें सुनी जाएंगी।