मानहानि मामला: यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने जारी किए जमानती वारंट

मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने एक पुराने मानहानि मामले में उनके खिलाफ जमानती वारंट (Bailable Warrants) जारी किया है। यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को सुनाया। मामला साल 2018 का है, जिसमें भाजपा आईटी सेल के सदस्य विकास संक्रित्ययन (विकास पांडे) ने राठी पर मानहानि का आरोप लगाया था।
पूरा विवाद ध्रुव राठी द्वारा बनाए गए एक वीडियो 'BJP IT Cell Part II' से शुरू हुआ। शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि इस वीडियो में राठी ने उनके बारे में गलत बातें कही थीं और दावा किया था कि भाजपा आईटी सेल के सदस्यों ने उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की थी। इसी बात को लेकर मानहानि का केस दर्ज कराया गया था।
समन का जवाब न देना पड़ा भारी
अदालत ने यह सख्त कदम तब उठाया जब प्रोसेस सर्वर की रिपोर्ट में सामने आया कि राठी के पते पर समन पहुँचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनका घर बंद मिला। गौरतलब है कि 12 अक्टूबर 2026 को कोर्ट ने गुरुग्राम स्थित उनके पते पर नए समन जारी किए थे। शिकायतकर्ता के वकील समक्ष शर्मा ने कोर्ट को बताया कि पिछले कई सालों से ध्रुव राठी को समन तामील कराना मुश्किल रहा है क्योंकि वे ज्यादातर ऑस्ट्रिया या जर्मनी में रहते हैं।
हालांकि, वकील ने कोर्ट में यह दलील भी दी कि ध्रुव राठी फिलहाल भारत में मौजूद हैं और कथित तौर पर दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने आए हैं। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि राठी को पहली बार जुलाई 2019 में ही समन भेजा गया था, लेकिन अब तक उनकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पाई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2026 को तय की गई है।