ध्रुव राठी की बढ़ी मुश्किलें, साकेत कोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट

मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट (Bailable Warrant) जारी किया है। यह कार्रवाई कोर्ट की सुनवाई में उनकी अनुपस्थिति के बाद की गई है। मामला साल 2018 के एक आपराधिक मानहानि केस से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने उन्हें पेश होने का आदेश दिया था।
दरअसल, यह पूरा विवाद बीजेपी आईटी सेल के सदस्य विकास संक्रित्ययन (विकास पांडेय) द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से शुरू हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी ने 'BJP IT Cell Part 2' नाम के एक वीडियो में उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए थे। इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने 12 अक्टूबर 2026 को नए समन जारी करने का आदेश दिया था, क्योंकि 2019 से पहले जारी किए गए समन तामील नहीं हो पाए थे।
लंदन यात्रा और बंद घर बना वजह
कोर्ट को जानकारी मिली थी कि ऑस्ट्रिया में रहने वाले ध्रुव राठी फिलहाल भारत में हैं। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट के वकील सुशांत कुमार ने गुरुग्राम स्थित उनके घर पर नोटिस व्यक्तिगत रूप से सर्व करवाया। हालांकि, 17 अक्टूबर को जब सुनवाई की तारीख आई, तो ध्रुव राठी कोर्ट में नजर नहीं आए।
कोर्ट में मौजूद उनके वकील ने बताया कि ध्रुव राठी लंदन चले गए हैं। वहीं, प्रोसेस सर्वर की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि जब उनके घर पर जांच की गई, तो वहां ताला लटका मिला। इसी वजह से कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का फैसला किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2026 को होगी।
इतना ही नहीं, ध्रुव राठी पर कानूनी संकटों का पहाड़ टूटा हुआ है। उन पर भगवान राम और माता सीता से जुड़े एक वीडियो को लेकर एक अलग सिविल मानहानि मुकदमा भी चल रहा है, जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप है। इसकी सुनवाई 5 नवंबर 2026 को होनी है। साथ ही, 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले उन्हें गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में भी लिया गया था।